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Mahoba News: बगैर फिटनेस सड़कों पर नहीं दौड़ सकेंगे स्कूली वाहन
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महोबा। परिवहन नियमों को दरकिनार पर सड़कों पर स्कूली वाहन दौड़ाने वालों की अब खैर नहीं है। ऐसे वाहन संचालकों पर अब परिवहन विभाग के अफसरों की निगाह टेढ़ी हो गई हैं। बिना फिटनेस व बिना परमिट वाले स्कूली वाहनों के संचालकों को एआरटीओ ने नोटिस जारी किया है।
जिले में संचालित निजी स्कूलों में 200 से अधिक वाहन पंजीकृत है। यह वाहन बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने का काम करते हैं। स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर शासन ने सख्त हिदायत दी है। ताकि बच्चों के लिए लगाए गए इन वाहनों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। बावजूद इसके जिले में कई स्कूली वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस तक नहीं है। साथ ही तमाम वाहनों का परमिट भी खत्म हो गए है। इसके बाद भी इस वाहनों के संचालक इन्हें सड़कों पर सरपट दौड़ा रहे हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अब ऐसे लापरवाह स्कूली बसों के संचालकों पर परिवहन विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। स्कूली बसों के संचालकों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें एक सप्ताह के अंदर फिटनेस पर परमिट प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में संचालित 192 स्कूली वाहनों के पास फिटनेस है जबकि 46 स्कूली वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस खत्म हो चुकी है जबकि 183 स्कूली वाहनों के पास परमिट है। वहीं 37 वाहनों के परमिट की समय सीमा पूरी हो गई है।
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परिवहन आयुक्त धीरज साहू की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूली वाहनों के निरीक्षण के समय मानक के अनुरूप नहीं पाए गए वाहनों व स्कूली छात्रों के लिए असुरक्षित पाए गए वाहनों के पंजीयन मानक के अनुरूप सुधार होने तक की अवधि के लिए मोटरयान अधिनियम के तहत निलंबित किए गए थे। इसको लेकर स्कूल बस संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए थे। नोटिस के बाद भी जिन वाहनों को फिटनेस नहीं कराई गई है उनका पंजीयन निलंबित किया जाए।
एआरटीओ सुनील दत्त का कहना है कि स्कूली वाहनों के समस्त प्रपत्र सही करने के निर्देश के साथ नोटिस भी जारी किए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर फिटनेस व परमिट की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ धारा 53 की कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्ट्रेशन अस्थायी रूप से निरस्त किए जाएंगे।
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जिले में संचालित निजी स्कूलों में 200 से अधिक वाहन पंजीकृत है। यह वाहन बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने का काम करते हैं। स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर शासन ने सख्त हिदायत दी है। ताकि बच्चों के लिए लगाए गए इन वाहनों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। बावजूद इसके जिले में कई स्कूली वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस तक नहीं है। साथ ही तमाम वाहनों का परमिट भी खत्म हो गए है। इसके बाद भी इस वाहनों के संचालक इन्हें सड़कों पर सरपट दौड़ा रहे हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अब ऐसे लापरवाह स्कूली बसों के संचालकों पर परिवहन विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। स्कूली बसों के संचालकों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें एक सप्ताह के अंदर फिटनेस पर परमिट प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिले में संचालित 192 स्कूली वाहनों के पास फिटनेस है जबकि 46 स्कूली वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस खत्म हो चुकी है जबकि 183 स्कूली वाहनों के पास परमिट है। वहीं 37 वाहनों के परमिट की समय सीमा पूरी हो गई है।
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परिवहन आयुक्त धीरज साहू की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूली वाहनों के निरीक्षण के समय मानक के अनुरूप नहीं पाए गए वाहनों व स्कूली छात्रों के लिए असुरक्षित पाए गए वाहनों के पंजीयन मानक के अनुरूप सुधार होने तक की अवधि के लिए मोटरयान अधिनियम के तहत निलंबित किए गए थे। इसको लेकर स्कूल बस संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए थे। नोटिस के बाद भी जिन वाहनों को फिटनेस नहीं कराई गई है उनका पंजीयन निलंबित किया जाए।
एआरटीओ सुनील दत्त का कहना है कि स्कूली वाहनों के समस्त प्रपत्र सही करने के निर्देश के साथ नोटिस भी जारी किए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर फिटनेस व परमिट की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ धारा 53 की कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्ट्रेशन अस्थायी रूप से निरस्त किए जाएंगे।