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चूल्हा-चौका छोड़ घूंघट की ओट में वोट मांग रहीं महिलाएं
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महोबा। पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने पूरी ताकत लगा दी है। महिलाएं भी चूल्हा चौका छोड़कर चुनाव प्रचार में कूद पड़ी हैं। ग्राम प्रधान पद के लिए 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। महिलाएं घूंघट की ओट में घर-घर पहुंच कर समर्थन जुटा रही हैं। आरक्षण का लाभ उठाते हुए महिला प्रत्याशियों में प्रधान बनने को लेकर उत्सुकता नजर आ रही हैं। परिजन भी जीत सुनिश्चित करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। महिलाओं की टोलियां चुुनाव प्रचार के लिए घर-घर दस्तक दे रहीं हैं।
जिले की 273 ग्राम पंचायतों के लिए 15 अप्रैल को मतदान होगा। मतदान में बेहद कम समय शेष होने के चलते प्रत्याशी दिनरात प्रचार में जुटे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों की 93 सीटें महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हैं। जहां से महिलाएं चुनाव प्रचार में कूदी हैं। प्रचार अभियान में महिलाओं के साथ उनके पति व पुत्र भी दिनरात प्रचार में
जुटे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कभी घर से बाहर न निकलने वाली महिलाएं अब खुलकर लोगों के बीच पहुंच रही हैं। गांव गांव में चुनावी चर्चा जोरों पर हैं। चौपालों से लेकर चायपान की दुकानों में हारजीत के कयास लगाने का दौर शुरु हो गया है। कौन प्रत्याशी भारी है इसकी चर्चा की जा रही है। मतदान में महज नौ दिन का समय शेष होने के चलते प्रत्याशी ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए महिलाओं की 117 सीटें आरक्षित हैं। जहां से आधी आबादी बीडीसी सदस्य चुनीं जाएगी।
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जिले की 273 ग्राम पंचायतों के लिए 15 अप्रैल को मतदान होगा। मतदान में बेहद कम समय शेष होने के चलते प्रत्याशी दिनरात प्रचार में जुटे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों की 93 सीटें महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हैं। जहां से महिलाएं चुनाव प्रचार में कूदी हैं। प्रचार अभियान में महिलाओं के साथ उनके पति व पुत्र भी दिनरात प्रचार में
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जुटे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कभी घर से बाहर न निकलने वाली महिलाएं अब खुलकर लोगों के बीच पहुंच रही हैं। गांव गांव में चुनावी चर्चा जोरों पर हैं। चौपालों से लेकर चायपान की दुकानों में हारजीत के कयास लगाने का दौर शुरु हो गया है। कौन प्रत्याशी भारी है इसकी चर्चा की जा रही है। मतदान में महज नौ दिन का समय शेष होने के चलते प्रत्याशी ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए महिलाओं की 117 सीटें आरक्षित हैं। जहां से आधी आबादी बीडीसी सदस्य चुनीं जाएगी।
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