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Mahoba News: मेरी बंदगी स्वीकार कीजिए, भव से बेड़ा पार कीजिए...
Mon, 09 Mar 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:14 AM IST
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महोबा। शहर के कठकुलवापुरा स्थित संत कबीर आश्रम में रविवार को अमृतवाणी समिति की ओर से सत्संग का आयोजन हुआ। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने स्वरचित रचना कबीर साहब मेरी बंदगी स्वीकार कीजिए, भव से बेड़ा पार कीजिए सुनाकर माहौल भक्तिमय कर दिया।
सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न श्लोकों का वर्णन किया। पं. हरिशंकर नायक ने कहा कि जहां क्रोध होता है, वहां काल रहता है। मदनपाल ने कबीर की रचना कबिरा आप ठगाइए और न ठगिए कोई, आप ठगे सुख उपजे और ठगे दुख होई सुनाई। पं. जगदीश रिछारिया ने आए कहां से घनश्याम व रामावतार सेन ने नाहक रंग न डारो घरें न प्रीतम प्यारो फाग सुनाई। परमलाल विश्वकर्मा ने राष्ट्रभक्ति गीत हमारी भारत माता का दर्शन करले ये संसार सुनाया। साध्वी सुनीता ने कहा कि अंधविश्वास समाप्त करने के लिए कबीर के आदर्श व विचार सहायक है। इस मौके पर कामता प्रसाद चौरसिया, विनोद, लखनलाल, चंदन अनुरागी, पूरनलाल, पप्पू आदि मौजूद रहे।
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सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न श्लोकों का वर्णन किया। पं. हरिशंकर नायक ने कहा कि जहां क्रोध होता है, वहां काल रहता है। मदनपाल ने कबीर की रचना कबिरा आप ठगाइए और न ठगिए कोई, आप ठगे सुख उपजे और ठगे दुख होई सुनाई। पं. जगदीश रिछारिया ने आए कहां से घनश्याम व रामावतार सेन ने नाहक रंग न डारो घरें न प्रीतम प्यारो फाग सुनाई। परमलाल विश्वकर्मा ने राष्ट्रभक्ति गीत हमारी भारत माता का दर्शन करले ये संसार सुनाया। साध्वी सुनीता ने कहा कि अंधविश्वास समाप्त करने के लिए कबीर के आदर्श व विचार सहायक है। इस मौके पर कामता प्रसाद चौरसिया, विनोद, लखनलाल, चंदन अनुरागी, पूरनलाल, पप्पू आदि मौजूद रहे।
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