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बिना मान्यता के चल रहे मदरसे नहीं दे सके आय-व्यय का ब्यौरा
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महोबा। जिले में बिना मान्यता के चल रहे 13 मदरसा संचालक अल्प संख्यक कल्याण विभाग को आय-व्यय का ब्योरा नहीं दे सके। जिससे अवैध रूप से फंडिंग का शक गहराता जा रहा है। इन पर कार्रवाई के लिए विभाग ने शासन को पत्र लिखा है। वहीं हिंदू संगठन भी इन मदरसों की गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
गौरतलब हो कि सितंबर माह में प्रेम नगर स्थित मदरसे जामिया इस्लामिया दारुल उलूम से तीन बच्चों के भागने के बाद जिले भर में मदरसों की जांच की गई थी। जिससे बिना मान्यता के चल रहे 13 मदरसे संचालित पाए गए थे। डीएम के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में गठित की गई थी। जिसमें अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी ने नोटिस जारी कर बच्चों और शिक्षकों के आधार कार्ड, मदरसें में आय-व्यय का ब्यौरा मांगा था। िजसमें मदरसा संचालकों ने छात्र एवं शिक्षकों का ब्यौरा तो दे दिया है, लेकिन मदरसा के संचालन में खर्च हो रहे आय-व्यय का ब्योरा नहीं दे सके हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि मदरसों से अध्ययनरत बच्चों एवं शिक्षकों का ब्योरा, आय-व्यय की जानकारी मांगी गई थी जिसमें मदरसा संचालक कुछ जानकारी तो दे रहे लेकिन आय-व्यय को लेकर ब्योरा प्रस्तुत नहीं कर सकें हैं। जिन पर कार्रवाई के शासन को पत्र लिखा गया है।
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मदरसों की जमीन की हो रही जांच
हिंदू संगठनों ने डीएम को ज्ञापन देकर मदरसों के जमीन की जांच कराए जाने की मांग थी। जिस पर जिलाधिकारी ने जांच अधिकारी नामित कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जिस पर राजस्व टीम ने शुक्रवार को शहर के मदरसों के जमीन की जांच शुरू कर दी है।
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गौरतलब हो कि सितंबर माह में प्रेम नगर स्थित मदरसे जामिया इस्लामिया दारुल उलूम से तीन बच्चों के भागने के बाद जिले भर में मदरसों की जांच की गई थी। जिससे बिना मान्यता के चल रहे 13 मदरसे संचालित पाए गए थे। डीएम के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में गठित की गई थी। जिसमें अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी ने नोटिस जारी कर बच्चों और शिक्षकों के आधार कार्ड, मदरसें में आय-व्यय का ब्यौरा मांगा था। िजसमें मदरसा संचालकों ने छात्र एवं शिक्षकों का ब्यौरा तो दे दिया है, लेकिन मदरसा के संचालन में खर्च हो रहे आय-व्यय का ब्योरा नहीं दे सके हैं।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि मदरसों से अध्ययनरत बच्चों एवं शिक्षकों का ब्योरा, आय-व्यय की जानकारी मांगी गई थी जिसमें मदरसा संचालक कुछ जानकारी तो दे रहे लेकिन आय-व्यय को लेकर ब्योरा प्रस्तुत नहीं कर सकें हैं। जिन पर कार्रवाई के शासन को पत्र लिखा गया है।
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मदरसों की जमीन की हो रही जांच
हिंदू संगठनों ने डीएम को ज्ञापन देकर मदरसों के जमीन की जांच कराए जाने की मांग थी। जिस पर जिलाधिकारी ने जांच अधिकारी नामित कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जिस पर राजस्व टीम ने शुक्रवार को शहर के मदरसों के जमीन की जांच शुरू कर दी है।