फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Locks on most cooperative societies; queues forming wherever fertilizer is available.

Mahoba News: अधिकांश समितियों में लगे ताले, जहां खाद वहां लग रहीं कतारें

Tue, 13 Oct 2026 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Locks on most cooperative societies; queues forming wherever fertilizer is available.
फोटो 12 एमएएचपी 11 परिचय-कस्बा जैतपुर की सहकारी संघ में लटकता ताला। संवाद
महोबा/अजनर/बेलाताल। जिले में रबी की बोआई का समय नजदीक आने के साथ ही डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कहीं खाद के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, कहीं समितियों और वितरण केंद्रों पर ताले लटके हैं। अजनर क्षेत्र की तीन साधन सहकारी समितियों में टोकन मिलने के बाद भी सैकड़ों किसानों को खाद नहीं मिल सकी। वहीं जैतपुर में खाद की उम्मीद लेकर पहुंच रहे किसानों को केंद्रों से निराश लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन

अजनर क्षेत्र की बुधवारा साधन सहकारी समिति में 11 व 12 अक्तूबर को खाद वितरण के दौरान 300 टोकन जारी किए गए। समिति में 550 बोरी खाद उपलब्ध होने की जानकारी दी गई लेकिन 195 किसानों को ही खाद मिल सकी। 105 किसान मायूस होकर लौट गए। समिति के आंकिक दिनेश कुमार ने बताया कि टोकन जारी किए गए थे लेकिन सभी किसानों को खाद नहीं मिल पाई। इससे पहले तीन और चार अक्तूबर को अजनर साधन सहकारी समिति में 460 बोरी खाद के सापेक्ष 400 टोकन जारी किए गए थे। इनमें से 250 किसानों को खाद मिली। इसके बाद से समिति में खाद वितरण नहीं हुआ है।
विज्ञापन

वहीं आठ व नौ अक्तूबर को खमा साधन सहकारी समिति में 398 बोरी खाद के सापेक्ष 198 टोकन जारी किए गए। यहां 110 किसानों को खाद मिली जबकि 88 किसानों को निराश लौटना पड़ा। खमा समिति में भी चार दिन से खाद वितरण नहीं हुआ है। बुधवारा समिति के सचिव रामआसरे यादव ने बताया कि उनके पास अकौना और कुड़ई समितियों का भी प्रभार है। वहीं अजनर, खमा व बुधवारा समितियों के कर्मचारी मिलकर एक समिति पर खाद वितरण करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेलाताल संवाद के अनुसार जैतपुर क्षेत्र में भी डीएपी की कमी से किसान परेशान हैं। आठ अक्तूबर को खाद वितरण की सूचना पर पीसीएफ केंद्र, एसके महाविद्यालय के पास व सहकारी संघ के बीज गोदाम पर करीब पांच हजार किसान पहुंच गए थे। भीड़ और सीमित उपलब्धता के कारण लगभग चार हजार किसानों को बिना खाद लिए लौटना पड़ा था। अब खाद समाप्त होने के बाद पीसीएफ और सहकारी संघ केंद्रों पर ताले लटके हैं। जैतपुर पीसीएफ प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि केंद्र के लिए 1,265 बोरी एनपीके व 500 बोरी डीएपी आवंटित हुई है। गोदाम से खाद आने का इंतजार है।

फोटो 12 एमएएचपी 07 परिचय-वंशी कुशवाहा। संवाद
टोकन मिल गया लेकिन खाद नहीं मिली
अजनर निवासी वंशी कुशवाहा ने बताया कि टोकन तो तीन अक्तूबर को मिल गया था लेकिन आज तक खाद नहीं मिली। वह प्रतिदिन डीएपी के लिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन खाद न होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।
फोटो 12 एमएएचपी 08 परिचय-संतोष यादव। संवाद
इंद्रहटा निवासी संतोष यादव ने बताया कि पहले नगाराडांग समिति से खाद मिलती थी। बाद में समिति डिफाल्टर हो गई है। अब वह अजनर व बुधवारा समिति में खाद के लिए गए लेकिन दोनों समितियों में टोकन ही नहीं मिला।
फोटो 12 एमएएचपी 09 परिचय-राकेश कुमार। संवाद
लमौरा निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें छह बोरी डीएपी की जरूरत है। आठ अक्तूबर को वह खाद लेने पहुंचे थे लेकिन भीड़ के कारण न टोकन मिला और न खाद। अब समिति में खाद न होने की जानकारी दी जा रही है।

फोटो 12 एमएएचपी 10 परिचय-हरिदास। संवाद
जैतपुर निवासी हरिदास बताते हैं कि चार बोरी खाद चाहिए लेकिन अभी तक एक भी बोरी नहीं मिली। उन्होंने बुजुर्ग किसानों के लिए अलग कतार की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही समिति में भरपूर खाद भेजे जाने की मांग की।


वर्जन

जिले में रबी सीजन के तहत 51 उर्वरक बिक्री केंद्रों के माध्यम से 12,120 एमटी यूरिया व 7,812 एमटी डीएपी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में जिले में 5,341 एमटी यूरिया और 3,101 एमटी डीएपी उर्वरक केंद्रों व बफर गोदाम में उपलब्ध है जिसका आवंटन बिक्री केंद्रों के लिए कराया जा रहा है। जिले में खाद की कोई समस्या नहीं है। किसान समितियों से नियमानुसार खाद प्राप्त कर सकते हैं। जिन समितियों में खाद नहीं है वहां के लिए आवंटन कर दिया गया है। मंगलवार से वहां वितरण शुरू करा दिया जाएगा। -परमानंद अनुरागी, प्रभारी सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता, महोबा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed