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Mahoba News: खतरे में जान, बच्चे पढ़ाई पर कैसे दें ध्यान
Sun, 03 Aug 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:17 AM IST
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महोबा। राजस्थान में सरकारी स्कूल गिरने से कई बच्चोंं की मौत के बाद भी जिले में जर्जर विद्यालय भवनोंं को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। इसका खुलासा कक्षाओंं की छतों में दिखती सरिया और जगह-जगह उखड़ा प्लास्टर कर रहा है। इससे जर्जर भवनोंं में बच्चे पढ़ाई पर कम ध्यान दे पा रहे हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्रोंं में कई सरकारी स्कूलों के भवन इतनी जर्जर अवस्था में हैं कि यहां कभी भी हादसा हो सकता है। छतें दरकी हैं और कमरोंं की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। कुछ विद्यालयों में एक कमरे में ही दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाया जा रहा है तो कहीं बरामदे में पढ़ाई हो रही है। शिक्षक व अभिभावक विद्यालयों की बदहाली की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचा चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। जिले के कुछ परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल में हकीकत सामने आई।
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केस-एक
पनवाड़ी। ब्लॉक पनवाड़ी के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैंदो का भवन जर्जर है। कमरे की दीवारें जगह-जगह से दरक गईं हैं। इससे किसी भी समय हादसे का खतरा बना रहता है। शिक्षक बच्चोंं को बरामदे में बैठाकर शिक्षा ग्रहण करा रहे हैं। इस विद्यालय में 52 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक रुद्रकुमार कौशिक ने बताया कि कमरे की दीवारों में दरार होने और बारिश का मौसम होने से बच्चोंं की सुरक्षा को देखते हुए बरामदे में पढ़ाई कराई जा रही है। दो वर्ष से कक्ष जर्जर है। उच्चाधिकारियोंं को मामले से अवगत कराया गया है।
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केस-दो
छत का गिर रहा प्लास्टर, दिखने लगी सरिया
महोबा। शहर के कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय नैकाना की हालत भी कुछ ऐसी है। विद्यालय भवन की छतोंं का प्लास्टर गिर रहा है। कई जगह सरियां दिख रही हैं। बारिश के मौसम में एक कक्ष में पानी टपकने से उसे बंद कर दिया गया है। बच्चों को दूसरे कमरे में एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। प्रधानाध्यापिका जया नगायच ने बताया कि विद्यालय में 171 बच्चे पंजीकृत हैं। एक कमरे में पानी टपक रहा है। दूसरे में शिक्षा गृहण कराई जा रही है। शेष दो कमरे वित्त एवं लेखा विभाग लिए है। इससे छात्र-छात्राओंं को बैठने में परेशानी हो रही है। उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत की जा चुकी है लेकिन अभी तक लेखा विभाग ने स्कूल के कमरे खाली नहीं किए।
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केस-तीन
रंगरोगन दुरुस्त, छतों से टपकता है पानी
महोबा। कंपोजिट विद्यालय रिछारा में रंगरोगन ठीक है लेकिन यहां कमरोंं की छतों में सीलन होने से पानी टपकता होगा। कुछ स्थानों पर प्लास्टर भी उखड़ा है। इसके बावजूद छात्र-छात्राओं को यहां पढ़ाया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं को दिक्कत हो रही है। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है।
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केस-एक
पनवाड़ी। ब्लॉक पनवाड़ी के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैंदो का भवन जर्जर है। कमरे की दीवारें जगह-जगह से दरक गईं हैं। इससे किसी भी समय हादसे का खतरा बना रहता है। शिक्षक बच्चोंं को बरामदे में बैठाकर शिक्षा ग्रहण करा रहे हैं। इस विद्यालय में 52 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक रुद्रकुमार कौशिक ने बताया कि कमरे की दीवारों में दरार होने और बारिश का मौसम होने से बच्चोंं की सुरक्षा को देखते हुए बरामदे में पढ़ाई कराई जा रही है। दो वर्ष से कक्ष जर्जर है। उच्चाधिकारियोंं को मामले से अवगत कराया गया है।
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केस-दो
छत का गिर रहा प्लास्टर, दिखने लगी सरिया
महोबा। शहर के कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय नैकाना की हालत भी कुछ ऐसी है। विद्यालय भवन की छतोंं का प्लास्टर गिर रहा है। कई जगह सरियां दिख रही हैं। बारिश के मौसम में एक कक्ष में पानी टपकने से उसे बंद कर दिया गया है। बच्चों को दूसरे कमरे में एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। प्रधानाध्यापिका जया नगायच ने बताया कि विद्यालय में 171 बच्चे पंजीकृत हैं। एक कमरे में पानी टपक रहा है। दूसरे में शिक्षा गृहण कराई जा रही है। शेष दो कमरे वित्त एवं लेखा विभाग लिए है। इससे छात्र-छात्राओंं को बैठने में परेशानी हो रही है। उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत की जा चुकी है लेकिन अभी तक लेखा विभाग ने स्कूल के कमरे खाली नहीं किए।
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केस-तीन
रंगरोगन दुरुस्त, छतों से टपकता है पानी
महोबा। कंपोजिट विद्यालय रिछारा में रंगरोगन ठीक है लेकिन यहां कमरोंं की छतों में सीलन होने से पानी टपकता होगा। कुछ स्थानों पर प्लास्टर भी उखड़ा है। इसके बावजूद छात्र-छात्राओं को यहां पढ़ाया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं को दिक्कत हो रही है। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है।