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Mahoba News: पुनर्वास और विस्थापन के पेच से केन-बेतवा लिंक परियोजना अटकी
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महोबा। केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) की रफ्तार मध्यप्रदेश में पुनर्वास और विस्थापन के पेंच के कारण प्रभावित हो रही है। इसका असर उत्तरप्रदेश के हिस्से में होने वाले काम पर भी पड़ने लगा है।
परियोजना के तहत केन व बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 216 किमी लंबी लिंक कैनाल बनाई जानी है। कैनाल जनपद पन्ना स्थित दौधन बांध से निकलेगी लेकिन बांध क्षेत्र में पुनर्वास और विस्थापन का काम पूरा न होने से कैनाल का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना में मध्यप्रदेश का हिस्सा सबसे अहम है। जनपद पन्ना में दौधन बांध का निर्माण किया जा रहा है। इसके डूब क्षेत्र में करीब 9,000 हेक्टेयर जमीन आ रही है। साथ ही पर्यावरणीय शर्तों के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व भी प्रभावित हो रहा है। बांध निर्माण के कारण पन्ना के 14 गांवों का पुनर्वास व विस्थापन किया जाना है।
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जनपद छतरपुर के 14 गांव भी परियोजना में शामिल हैं। इससे करीब 25 हजार आबादी प्रभावित होने का अनुमान है। पुनर्वास और विस्थापन को लेकर कई माह से ग्रामीणों का विरोध चल रहा है।
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परियोजना के तहत केन व बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 216 किमी लंबी लिंक कैनाल बनाई जानी है। कैनाल जनपद पन्ना स्थित दौधन बांध से निकलेगी लेकिन बांध क्षेत्र में पुनर्वास और विस्थापन का काम पूरा न होने से कैनाल का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।
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केन-बेतवा लिंक परियोजना में मध्यप्रदेश का हिस्सा सबसे अहम है। जनपद पन्ना में दौधन बांध का निर्माण किया जा रहा है। इसके डूब क्षेत्र में करीब 9,000 हेक्टेयर जमीन आ रही है। साथ ही पर्यावरणीय शर्तों के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व भी प्रभावित हो रहा है। बांध निर्माण के कारण पन्ना के 14 गांवों का पुनर्वास व विस्थापन किया जाना है।
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जनपद छतरपुर के 14 गांव भी परियोजना में शामिल हैं। इससे करीब 25 हजार आबादी प्रभावित होने का अनुमान है। पुनर्वास और विस्थापन को लेकर कई माह से ग्रामीणों का विरोध चल रहा है।