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नीतू ने लिखी तरक्की की इबारत
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नीतू पालीवाल।
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। नीतू पालीवाल ने तीन साल पहले 28 हजार रुपये से शुरू किया कारोबार 10 लाख से ऊपर पहुंचा दिया है। आटा, बरी, पापड़, बेसन, दलिया की पैकिंग कर बाजार में आपूर्ति कर नीतू ने तरक्की की इबारत लिखी। प्रति माह 60 से 70 हजार रुपये की कमाई कर रही हैं। वह छह लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
नगरीय विकास अभिकरण विभाग (डूडा) की मदद से वर्ष 2018 में नीतू ने साईं स्वयं सहायता समूह का संचालन शुरू किया। इसमें 10 महिलाओं को जोड़कर स्वरोजगार अपनाया। कुछ महिलाएं शुरूआती दौर में पीछे हटीं लेकिन नीतू ने हार नहीं मानी। इलेक्ट्रानिक की दुकान किए पति से 28 हजार रुपये लेकर दलिया व बेसन पीसने की मशीन खरीदी। 500 ग्राम व एक किलो के पैकेट तैयार कर बाजार में उतारे। बिक्री बढ़ने पर बड़ी मशीनें लगाईं। पूरे जिले में आटा, दाल, मूंग की दाल की बरी, पापड़, दलिया की आपूर्ति की जा रही है। नीतू बताती है कि प्रति माह सात लाख रुपये का माल बाजार में बिक्री करती हैं। 10 प्रतिशत का लाभ उन्हें मिलता है। तीन महिलाएं व तीन पुरुष को वह रोजगार दे रही हैं।
बाजार में देसी व शुद्ध खाद्यान्न की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। नीतू बताती हैं कि हर बड़ी व छोटी दुकानों में वह सामग्री भेजती हैं। घर पर ही सभी मशीनें लगाकर आटा व बेसन की पिसाई होती है। इसके बाद छोटे-छोटे पैकेट में पैकिंग की जाती है।
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नगरीय विकास अभिकरण विभाग (डूडा) की मदद से वर्ष 2018 में नीतू ने साईं स्वयं सहायता समूह का संचालन शुरू किया। इसमें 10 महिलाओं को जोड़कर स्वरोजगार अपनाया। कुछ महिलाएं शुरूआती दौर में पीछे हटीं लेकिन नीतू ने हार नहीं मानी। इलेक्ट्रानिक की दुकान किए पति से 28 हजार रुपये लेकर दलिया व बेसन पीसने की मशीन खरीदी। 500 ग्राम व एक किलो के पैकेट तैयार कर बाजार में उतारे। बिक्री बढ़ने पर बड़ी मशीनें लगाईं। पूरे जिले में आटा, दाल, मूंग की दाल की बरी, पापड़, दलिया की आपूर्ति की जा रही है। नीतू बताती है कि प्रति माह सात लाख रुपये का माल बाजार में बिक्री करती हैं। 10 प्रतिशत का लाभ उन्हें मिलता है। तीन महिलाएं व तीन पुरुष को वह रोजगार दे रही हैं।
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बाजार में देसी व शुद्ध खाद्यान्न की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। नीतू बताती हैं कि हर बड़ी व छोटी दुकानों में वह सामग्री भेजती हैं। घर पर ही सभी मशीनें लगाकर आटा व बेसन की पिसाई होती है। इसके बाद छोटे-छोटे पैकेट में पैकिंग की जाती है।
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