{"_id":"58bc57984f1c1b185ae7e7a2","slug":"hoy-to-master-all-subjects-were-not-able-to","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ता करे न कर सके गुरु करे सब होय...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्ता करे न कर सके गुरु करे सब होय...
ब्यूरो, अमर उजाला, महोबा
Updated Sun, 05 Mar 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
कबीर आश्रम में सत्संग करते भक्त।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वीर भूमि महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि सभी को ईमानदारी से धन कमाकर गरीबों की सेवा में कमाई का दस प्रतिशत खर्च करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से कमाए गए धन में 15 प्रकार के अनर्थ पैदा होते हैं।
विज्ञापन
डॉ. अनुरागी रविवार को कठकुलवापुरा के संत कबीर आश्रम में आयोजित कबीरी सत्संग में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गरीबों, असहायों के ऊपर खर्च किए धन से कमी नहीं आती। इससे गरीबों की दुआएं मिलती है। कंछेदीलाल पुरवार ने भजन घूंघट के पट खोल रे सुनाया। राजकुमार अनुरागी, गयाप्रसाद राठौर, रामप्रकाश ने भी भजन सुनाए।
विज्ञापन
सत्संग में बुंदेली कवि हरदयाल हरि अनुरागी ने तीन लोक नौ खंड में गुरु से बड़ा न कोय, कर्ता करे न कर सके गुरु करें सब होय की व्याख्या करते हुए कहा कि गुरु की शरण में ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। कवि विदेश विद्यासन ने कहा कि सत्य के आचरण करने से चारों फलों की प्राप्ति होती है। सत्संग में बृजमोहन ताम्रकार, किशोरदादा पुरवार, कल्लू कक्का, शिवपूजन, इंद्रजीत सिंह, दशरथ प्रसाद, पप्पू सेन आदि भक्त मौजूद रहे।
विज्ञापन