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महोबा: थानेदार बनीं छात्राओं ने कर्मियों को दी नसीहत

Fri, 20 Nov 2020 11:05 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 11:05 PM IST
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Four girls became one-day policemen, listened to complaints
चरखारी थाने में शिकायत सुनतीं प्रियांशी मिश्रा - फोटो : MAHOBA
महोबा। जिले के शहर कोतवाली, चरखारी, खरेला और महिला थाने की एक दिन की कमान अलग-अलग स्कूलों की चार छात्राओं ने संभाली। प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों पर नकेल कसने को शासन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर अनोखे तरीके से छात्राओं की हौसला आफजाई की।
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जीजीआईसी की कक्षा 11वीं की छात्रा यशस्वी तिवारी को शहर कोतवाली की कमान सौंपी गई। वो सुबह 11 बजे कोतवाली पहुंची। सीओ सिटी कालू सिंह की मौजूदगी में यशस्वी को थाना प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने एक दिन का कार्य सौंपा। यशस्वी ने सबसे पहले थाने में साफ-सफाई देखी और हवालात, दफ्तर का रिकॉर्ड समेत महिला हेल्प डेस्क का कामकाज देखा। काफी देर तक किसी फरियादी के न आने पर यशस्वी पुलिस टीम संग क्षेत्र का भ्रमण किया।
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उन्होंने एचडीएफसी बैंक का मुआयना करते हुए बैंक के बाहर अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया। कई जगह वाहन चालकों को रोका और यातायात नियमों के पालन को कहा। उन्होंने महिला थाना का भी निरीक्षण किया। जीजीआईसी की 11वीं की छात्रा नेहा प्रजापति को एक दिन का महिला थाना प्रभारी बनाया गया। नेहा को महिला थाना प्रभारी सुषमा चौधरी ने अपनी कुर्सी पर बैठाया। नेहा ने थाने का मुआयना कर महिला उत्पीड़न के मामलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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केंद्रीय विद्यालय महोबा की 12वीं की छात्रा प्रियांशी मिश्रा को सीओ राजकुमार पांडेय की मौजूदगी में चरखारी कोतवाली प्रभारी श्रवण सिंह ने प्रभार दिया। सुबह साढ़े 11 बजे थाने पहुंची प्रियांशी ने थाने का निरीक्षण कर साफ-सफाई, हवालात, अपराध रजिस्टर आदि देखे। महिला हेल्प डेस्क की सिपाही से कई सवाल पूछे। उन्होंने चार लोगों की शिकायतें भी सुनी। प्रियांशी ने कहा कि मेरा भी पुलिस अफसर बनने का सपना है।
मैं अब और लगन व मेहनत से पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी करूंगी। यहां मुझे पुलिस की कार्यप्रभारी सीखने के मौका मिला। गोकुल प्रसाद बालिका कालेज की 11वीं की छात्रा संध्या को खरेला एसओ अनिल कुमार ने एक दिन के लिए थानेदारी सौंपी। संध्या ने शिकायतों को सुन पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए। फिर बैठक कर जनता की शिकायत का मौके पर जाकर गुण-दोष पर कार्रवाई करने और कार्यशैली में बदलाव करने की नसीहत दी। संध्या ने कहा कि छात्राएं निडर होकर स्कूल जाएं और तरक्की करें। पुलिस उनकी सुरक्षा को तैयार है।
मां ने बेटी को किया जय हिंद
महिला थाना प्रभारी बनाई गई नेहा प्रजापति को उनकी मां ने जय हिंद किया। नेहा की मां पुष्पा पुलिस विभाग में सिपाही हैं और महिला थाने में तैनात हैं। बेटी ने जैसे ही थाने की कमान संभाली पुष्पा ने प्रोटोकॉल के तहत जय हिंद कहा। सम्मान के साथ उसकी आवभगत भी की।
निभाई गई औपचारिकता
शासन के आदेश पर छात्राओं को एक दिन का थानेदार बनाने के मामले में औपचारिकता निभाई गई। शहर कोतवाली की कमान संभालने वाली यशस्वी तिवारी को औपचारिकता निभाने के बाद पुलिसकर्मियों ने वापस स्कूल भेज दिया। वहां सीओ की मौजूदगी में प्रधानाचार्य सरगम खरे और छात्राओं ने यशस्वी का सम्मान किया। इसके बाद उसे वापस घर भेज दिया गया। ऐसा ही हाल महिला थाना प्रभारी बनीं नेहा प्रजापति का भी रहा। पुलिसकर्मियों ने औपचारिकता निभाने के बाद दोपहर में उसे भी घर भेज दिया।

इस संबंध में एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हमने कम्युनिटी पुलिसिंग को ध्यान में रखकर पहल की है। एक दिन की थानेदार बनीं छात्राओं को अधिकार नहीं दिए गए थे, पर थानेदार की भूमिका में पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में इन छात्राओं ने काफी सीखा है। एफआईआर दर्ज करने, पीसीआर और 1090 नंबर की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया है।
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