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Mahoba News: पहली बार एनसीईआरटी की किताबें पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
Wed, 07 May 2025 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 07 May 2025 12:31 AM IST
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महोबा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं पहली बार एनसीईआरटी की किताबें पढ़ेंगे। हालांकि, नवीन शिक्षण सत्र 2025-26 में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम कक्षा एक से तीन तक लागू किया गया है। मंगलवार को करीब 38 हजार पुस्तकें महोबा आई। शहरी क्षेत्र के बीआरसी कार्यालय में पूरे दिन ट्रक से किताबों के उतारने का काम चलता रहा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में 840 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर कक्षा एक से तीन तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक करीब 26 हजार बच्चे पंजीकृत हैं जबकि कक्षा चार से आठ तक पुराना पाठ्यक्रम ही लागू है। इस बार कक्षा चार से आठ तक के छात्रों को निशुल्क पुस्तकें नवीन शिक्षण सत्र शुरू होने के साथ ही मुहैया कराई गई थी जबकि कक्षा एक से तीन तक के लिए एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का इंतजार था।
लखनऊ से कक्षा एक से तीन तक की करीब 38 हजार पुस्तकें ट्रक से महोबा आई हैं जबकि स्थानीय स्तर से करीब एक लाख 55 हजार पुस्तकों की डिमांड की गई थी। ऐसे में अभी एक लाख 17 हजार पुस्तकें आना शेष है। इन पुस्तकों के भी जल्द आने की उम्मीद है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि अभी हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू की ही पुस्तकें आई हैं। इन पुस्तकों को ब्लॉकों के बीआरसी कार्यालय के माध्यम से स्कूलों को भेजा जाएगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में 840 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर कक्षा एक से तीन तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक करीब 26 हजार बच्चे पंजीकृत हैं जबकि कक्षा चार से आठ तक पुराना पाठ्यक्रम ही लागू है। इस बार कक्षा चार से आठ तक के छात्रों को निशुल्क पुस्तकें नवीन शिक्षण सत्र शुरू होने के साथ ही मुहैया कराई गई थी जबकि कक्षा एक से तीन तक के लिए एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का इंतजार था।
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लखनऊ से कक्षा एक से तीन तक की करीब 38 हजार पुस्तकें ट्रक से महोबा आई हैं जबकि स्थानीय स्तर से करीब एक लाख 55 हजार पुस्तकों की डिमांड की गई थी। ऐसे में अभी एक लाख 17 हजार पुस्तकें आना शेष है। इन पुस्तकों के भी जल्द आने की उम्मीद है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि अभी हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू की ही पुस्तकें आई हैं। इन पुस्तकों को ब्लॉकों के बीआरसी कार्यालय के माध्यम से स्कूलों को भेजा जाएगा।