{"_id":"f09b5d99f555e371309fd648eb9f3b56","slug":"do-not-leave-tb-medicine-between-treatment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीच में न छोड़ें टीबी की दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीच में न छोड़ें टीबी की दवा
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
Updated Wed, 25 Mar 2015 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के शरीर में किसी प्रकार की गांठ होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं। टीबी होने पर डॉट्स का पूरा इलाज कराएं, दवा बीच में न छोड़ें। ये बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वार्ष्णेय ने मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में विश्व क्षयरोग दिवस पर आयोजित गोष्ठी में कही।
विज्ञापन
उन्हाेंने कहा कि बीमारी को छिपाने से रोग बढ़ जाता है। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. बीपी वर्मा ने बताया कि टीबी का एक मरीज 15 अन्य लोगों को संक्रमित करता है। इसलिए टीबी से बचाव आवश्यक है। टीबी का पूरा कोर्स कराएं। बीच में कोर्स छोड़ने पर दवा का प्रभाव खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
जिसके लिए कई अन्य दवाएं एक साथ खानी होती हैं। उप जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि भरपेट भोजन से प्रोटीन और वसा की पर्याप्त मात्रा लेने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। जो टीबी के विषाणुआें से लड़ने में सहायक होती है। मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद प्रसाद, सहयोगी संस्था की सदस्य नेहा, उमाशंकर, जयंत कुमार, शैलेंद्र मोहन दीक्षित, संतोष कुशवाहा मौजूद रहे।
विज्ञापन