फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Dispense divide the mother's cry

बांटना है तो मां का रुदन बांट लो

Tue, 20 Sep 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा Updated Tue, 20 Sep 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
Dispense divide the mother's cry
कवि सम्मेलन में रचनाएं पेश करते कवि - फोटो : अमर उजाला
कस्बा कुलपहाड़ के ऐतिहासिक जल विहार मेले में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छठवीं शाम कवि सम्मेलन के नाम रही। दूर दराज से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से देश भक्ति का जज्बा भरा तो हास्य कवियों ने चुटकीली रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। कविताएं सुनने के लिए देर रात तक लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। जल विहार मेले में सोमवार की
विज्ञापन


शाम आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष विमला देवी अनुरागी ने फीता काटने के बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कवि सम्मेलन की शुरूआत देश के जाने माने कवि व गीतकार सोम ठाकुर ने सरस्वती वंदना से की। लखनऊ से आईं कवि डा. कुसुम चौधरी ने अपनी रचना देश बांटो न खंड खंड में, बांटना है तो मां का
विज्ञापन


रुदन बांट लो पेश की। ग्वालियर से आए हास्य कवि अमित चितवन ने रचना पल दो पल की जिंदगी हंसना हंसाना चाहिए, सुनाई। हास्य कवि सरबर मुरसानी ने अपनी चुटकीली रचनाओं से लोगों को लोटपोट कर दिया।  दिल्ली के कवि यशपाल सिंह ने खून से जिसने कहानी लिख दी, दरिया की रवानी लिख दी, रचना पेश कर लोगोें में देश भक्ति का जज्बा पैदा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवराम सिंह राजपूतन ने की। संचालन यशपाल सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed