फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Diesel tank filled not denied throwing water

डीजल न मिलने से नहीं भरे टैंक पानी को हाय-तौबा

Wed, 08 Jul 2015 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
अमर उजाला ब्यूरो महोबा Updated Wed, 08 Jul 2015 11:11 PM IST
विज्ञापन
Diesel tank filled not denied throwing water
 मदन सागर सूखने के बाद अब उर्मिल बांध की सप्लाई पर संकट छा गया है। कारण, जल संस्थान ने डीजल का पैसा देने को हाथ खड़े कर लिए है, जिससे दो दिनों से शहर की पेयजल आपूर्ति एक बार फिर लड़खड़ा गई है। लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। डीजल के लिए पैसा न मिलने से शहर में बनाए गए सीडब्लयूआर और ओवरहेड टैंकों में पानी नहीं पहुंच रहा है, इससे शहर की पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन

मालूम हो कि जल निगम द्वारा वर्ष 2010 में महोबा पुर्नगठन पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी योजना दिसम्बर 2010 तक पूरी हो गई थी, लेकिन जल संस्थान ने आज तक टेकओवर नहीं की। पाइप लाइन टूटने पर जल निगम को मरम्मत करानी पड़ती है साथ ही पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी भी जल निगम की है। जबकि जल निगम के पास पेयजल आपूर्ति व्यवस्था करने और पाइप लाइन टूटने पर मरम्मत के लिए किसी भी तरह को कोई पैसा नहीं आता है, लेकिन परियोजना हैंडओवर न होने के कारण मजबूरन जल निगम को संचालित करनी पड़ रही है। प्लास्टिक के पाइप लाइन बिछाए जाने से आए दिन लाइनें टूटती रहती हैं, जिससे जल निगम के कर्मचारी पाइप लाइनें सुधारने में जुटे रहते हैं, आय दिन पाइप लाइन टूटने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
विज्ञापन

पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी जल निगम के पास है, जबकि जल निगम को पेयजल आपूर्ति और मेंटीनेंस के लिए कोई पैसा नहीं मिलता है। उधर बिजली की बेहिसाब कटौती के चलते महोबा में बनाए गए तीन सीडब्ल्यूआर और एक ओवरहेड टैंक में पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिस पर शहर में पानी को लेकर हाय-तौबा मची हुई है।  डीएम के आदेश पर जल संस्थान ने उर्मिल बांध के पंपों को चलाने के लिए डीजल को दो लाख रुपये जल निगम को बीस दिन पहले दिए थे। जो खत्म हो गए, जिससे टैंकों में पानी पहुंचना बंद हो गया है और दो दिनों से शहर में पानी को लेकर हायतौबा मची है। वहीं अब जल संस्थान ने डीजल देने में हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे पंप न चल पाने के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। दो विभागों  की खींचातानी का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।   
विज्ञापन
विज्ञापन

वसूली जल संस्थान, जल निगम के पास मरम्मत का काम
महोबा पुर्नगठन पेयजल योजना तैयार हो जाने के बाद भी हैंडओवर न होने से जल निगम ने शहर में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। अब टूट-फूट होने पर जल निगम को ही मरम्मत का काम कराना पड़ रहा है, जबकि पानी का पैसा जल संस्थान वसूल रहा है। इससे जल निगम भी पाइप लाइन ठीक कराने के लिए तत्काल रुचि नहीं लेती है। जल निगम के पास इस मद का कोई पैसा न होने से परियोजना सिर दर्द बनकर रह गई है। पेयजल आपूर्ति के लिए लाइन खोलने और बंद करने का भी काम जल निगम के जिम्मे है।

जल संस्थान विभाग द्वारा शहर के नागरिकों को कनेक्शन देकर उनसे बिल की वसूूली की जा रही है, जबकि पेयजल आपूर्ति में आने वाले डीजल के खर्च को वहन करने में महकमा असमर्थता जता रहा है। जबकि बिल की वसूली बराबर की जा रही है। डीजल के लिए दी गई धनराशि खत्म हो जाने के कारण अब नियमित पंप नहीं चल पा रहे हैं। बिजली की बेहिसाब कटौती हो रही है, ऐसी स्थिति में टैंकों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। डीजल के लिए जल संस्थान से मांग की गई है।

                            सुनील कुमार प्रभारी अधिशाषी अभियंता जल निगम महोबा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed