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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   The first evening of the Kajli Fair was dedicated to Bundeli folk dance and singing.

Mahoba News: कजली मेला (एक) बुंदेली लोक नृत्य और गायन के नाम रही पहली शाम

Mon, 31 Aug 2026 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:03 AM IST
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The first evening of the Kajli Fair was dedicated to Bundeli folk dance and singing.
फोटो 30 एमएएचपी 01 परिचय-सांस्कृतिक मंच में कजली मेले की पहली शाम का दीप जलाकर शुभारंभ करते प्रभारी मंत्री, सदर विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, सीडीओ व अन्य। संवाद
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फोटो 30 एमएएचपी 02 परिचय-आल्हा गायन की प्रस्तुति देती जीतेंद्र चौरसिया एंड टीम। संवाद
फोटो 30 एमएएचपी 03 परिचय-लोक गायन में गायिका अर्चना पटैरिया के साथ झूला गीत की प्रस्तुति देते संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी। संवाद
फोटो 30 एमएएचपी 04 परिचय-सांस्कृतिक मंच में ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुति देतीं झांसी से आईं वंदना कुशवाहा। संवाद
फोटो 30 एमएएचपी 05 परिचय-सामूहिक ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुति देते झांसी से आए कलाकार। संवाद
फोटो 30 एमएएचपी 06 परिचय-बुंदेली गीत पर अंगुली से थाली घुमाते हुए प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
फोटो 30 एमएएचपी 07 परिचय-लोक नृत्य बधाई गीत पर बेहतर प्रस्तुति देने पर मध्यप्रदेश के सागर से आई श्रद्धा चौरसिया एंड टीम को सम्मानित करते सीडीओ और अन्य। संवाद
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-श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री ने दीप जलाकर किया कजली मेले में कार्यक्रमों का शुभारंभ
-कजरियों के युद्ध का वर्णन सुनकर फड़कीं दर्शकों की भुजाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले की पहली शाम बुंदेली लोक नृत्य व आल्हा गायन के नाम रही। स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने बुंदेली संस्कृति की झलक बिखेरी। आल्हा गायकों ने आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का वीर रस में वर्णन किया। झांसी से आईं वंदना कुशवाहा एंड पार्टी के कलाकारों ने ढिमरयाई गीत की शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम देखने के लिए हजारों की संख्या में मेला प्रेमियों की भीड़ देर रात तक जुटी रही।
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कीरत सागर तट पर बने सांस्कृतिक मंच पर सात दिवसीय मेले में कार्यक्रमों का शुभारंभ श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री मनोहर लाल उर्फ मन्नू कोरी, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा और सीडीओ बलराम कुमार ने दीप जलाकर किया। पहली प्रस्तुति संगीत शिक्षक अमर सिंह के निर्देशन में मां चंद्रिका वंदना की हुई। छात्राओं ने मां चंद्रिका को नमन किया। बाद में सुमेंद्र कुमार के संयोजन में महिला गायकों ने वीर रस में आल्हा गायन पेश किया। संजना राजपूत, सोनिका सेन, चांदनी, पुष्पांजलि, सृष्टि द्विवेदी व प्रज्ञा पांडेय ने सिरसागढ़ की लड़ाई का वर्णन सुनाकर जोश भरा।
संगीताचार्य अबोध सोनी ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। हरनारायण छिकहरा की टीम ने कछियाई और संगीता तिवारी ने बुंदेली लोक गायन पेश किया। संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी ने सावन गीत की आकर्षक प्रस्तुति दी। उन्होंने गायिका अर्चना पटैरिया व कृष्णचंद्र पाठक के साथ झूला गीत आए गयो सावन चलो कीरत सागर पार, झूला डलो अमवा की डाल सुनाया। मध्यप्रदेश के जनपद सागर से आई श्रद्धा चौरसिया एंड पार्टी ने लोक नृत्य बधाई गीत की प्रस्तुति से बुंदेली संस्कृति की झलक बिखेरी। झांसी की वंदना कुशवाहा एंड पार्टी ने ढिमरयाई नृत्य से सभी का मन मोहा।
आल्हा गायक जीतेंद्र चौरसिया ने शरद अनुरागी, पवन सेन और राहुल अनुरागी के साथ कजरियों की लड़ाई का आल्हा गायन के माध्यम से वर्णन किया। दतिया से आए विनोद मिश्र सुरमणि ने ईसुरी की चौकड़ियां की प्रस्तुति दी। अंतिम प्रस्तुति में रामसेवक तिवारी एंड पार्टी के कलाकारों ने माड़ो की लड़ाई का सजीव चित्रण कर सभी का मन मोह लिया। मंच का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया।

आल्हा मंच पर दिन-रात चल रहे कार्यक्रम
फोटो 30 एमएएचपी 08 परिचय-आल्हा मंच पर आल्हा गायन की प्रस्तुति देते गायक रज्जन पाल। संवाद
महोबा। कजली मेले में आल्हा मंच पर भी बुंदेली लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की धूम मची है। रविवार को आल्हा गायक रज्जन पाल ने आल्हा गायन की प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीता। वीर रस में उन्होंने आल्हा-ऊदल की लड़ाइयों का वर्णन कर श्रोताओं को बांधे रखा। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष भागीरथ व अन्य कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। (संवाद)

मेलाप्रेमियों ने झूलों व खेल-तमाशों का उठाया आनंद
फोटो 30 एमएएचपी 09 परिचय-कजली मेले में लगे झूलों आदि का आनंद लेते मेलाप्रेमी। संवाद
महोबा। कीरत सागर तट पर लगे कजली मेले में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। महिलाएं जहां मेले में सजी दुकानों से घरेलू उपयोग की सामग्री खरीद रही हैं। बच्चे और युवा झूलों व खेल-तमाशों का आनंद उठाते नजर आए। सुबह से ही लोगों के परिवार समेत मेले में पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा।


आज के मुख्य आकर्षण
महोबा। कजली मेले में 31 अगस्त की रात हीरालाल साहू और आल्हा सम्राट वंशगोपाल यादव की ओर से आल्हा गायन, प्रतीक्षा यादव का बुंदेली कजरी गीत, दीक्षा यादव का आल्हा गायन, श्याम कुशवाहा एंड टीम की ओर से बुंदेली नाट्य व नृत्य, लखनऊ की वंदना मिश्रा का लोक गायन, गोरखपुर के सुमन सिंह शेखावत का वनटांगिया नृत्य और साक्षी पटैरिया का बुंदेली लोक गायन होगा। रात के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हंसी का हंगामा कार्यक्रम रहेगा। रंगभारती संस्था लखनऊ के अध्यक्ष श्याम कुमार ने बताया कि हंसी के हंगामा कार्यक्रम में कानपुर के विख्यात कलाकार अमित बिहारी हास्य की प्रस्तुति देंगे जबकि एंकरिंग दिल्ली के सुनील शान करेंगे। इसके बाद क्रांति गुप्ता एंड टीम का राजस्थानी नृत्य होगा। अंतिम प्रस्तुति स्वरांजलि एंटरटेनमेंट ग्रुप की ओर से लेजर शो, मल्टीस्टारर व देशभक्ति म्यूजिकल शो की रहेगी। (संवाद)
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