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Mahoba News: अगूंठे को दिखाया ठेंगा... बुजुर्गों ने चलाई कलम, लाठी के सहारे परीक्षा देने पहुंचे दादा-दादी
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फोटो 20 एमएएचपी 11 परिचय-नव साक्षरता परीक्षा देतीं महिलाएं व बुजुर्ग। संवाद
महोबा। पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। उम्र के जिस पड़ाव में अपने साथ छोड़ने लगते हैं, उस पड़ाव में बुजुर्गों ने शिक्षा को सहारा बनाया। जिले में रविवार को 274 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित नवभारत साक्षरता परीक्षा में ढलती उम्र के लोगों के साथ लाठी का सहारा लेकर बुजुर्ग भी शामिल हुए। केंद्रों पर करीब साढ़े पांच हजार लोगों ने परीक्षा दी। अंगूठे को ठेंगा दिखाते हुए दादा-दादी और काका-काकी ने कलम चलाकर शिक्षा की अलख जगाई।
निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए नवभारत साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत इन्हें हिंदी, गणित, मात्रा ज्ञान, स्वर परिचय, आओ बनाएं शब्द, गिनती, संख्या ज्ञान, गुणा-भाग व जोड़-घटाना सिखाकर साक्षर किया गया है। साक्षरता परीक्षा रविवार को कराई गई। परीक्षा के लिए दो घंटे का समय निर्धारित था। केंद्रों पर बुजुर्ग और महिलाएं हाथ में कलम लेकर पहुंचे। शिक्षकों ने उन्हें प्रश्नपत्र दिए। इसके बाद बुजुर्ग परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र हल किया।
परीक्षा में 6,039 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से करीब साढ़े पांच हजार नव साक्षर शामिल हुए। परीक्षा देने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने परीक्षा कक्ष में घूंघट की ओट में सवाल हल किए। परीक्षा देने के बाद सभी नव साक्षर काफी खुश दिखाई दिए। समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक शशांक सचान ने बताया कि नवभारत साक्षरता के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को चिह्नित कर उन्हें सरल सामग्री पद्धति से शिक्षित किया गया है। परीक्षा में सफल नव साक्षरों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
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निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए नवभारत साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत इन्हें हिंदी, गणित, मात्रा ज्ञान, स्वर परिचय, आओ बनाएं शब्द, गिनती, संख्या ज्ञान, गुणा-भाग व जोड़-घटाना सिखाकर साक्षर किया गया है। साक्षरता परीक्षा रविवार को कराई गई। परीक्षा के लिए दो घंटे का समय निर्धारित था। केंद्रों पर बुजुर्ग और महिलाएं हाथ में कलम लेकर पहुंचे। शिक्षकों ने उन्हें प्रश्नपत्र दिए। इसके बाद बुजुर्ग परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र हल किया।
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परीक्षा में 6,039 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से करीब साढ़े पांच हजार नव साक्षर शामिल हुए। परीक्षा देने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने परीक्षा कक्ष में घूंघट की ओट में सवाल हल किए। परीक्षा देने के बाद सभी नव साक्षर काफी खुश दिखाई दिए। समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक शशांक सचान ने बताया कि नवभारत साक्षरता के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को चिह्नित कर उन्हें सरल सामग्री पद्धति से शिक्षित किया गया है। परीक्षा में सफल नव साक्षरों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
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