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Mahoba News: लैब कर्मियों को मिला प्रशिक्षण, होंगी जांचें
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फोटो 21 एमएएचपी 07 परिचय-कर्मचारियों को लैब में कोवास मशीन चलाने का प्रशिक्षण देते लखनऊ से आए इ
महोबा। जिला अस्पताल की इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थलैब में 40 लाख रुपये की लागत से आई कोवास मशीन चलाने का लैब कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। मशीन से थायराइड, विटामिन-डी, विटामिन बी-12 आदि की जांचें हो सकेंगी। इंस्टॉलेशन के बाद मशीन संचालित न होने से मरीजों को हो रही समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए।
जिला अस्पताल में माह मई में 40 लाख रुपये की लागत से कोवास मशीन आई थी जिसे लैब में स्थापित करा दिया गया था। रीजेंट व प्रशिक्षण के अभाव के चलते उसका संचालन नहीं हो पा रहा था। मरीजों की समस्या को देखते हुए 13 जून के अंक में अमर उजाला ने 40 लाख की मशीन बनी शोपीस शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए।
सोमवार को राजधानी लखनऊ से आए इंजी. आशीष सिंह ने जिला अस्पताल पहुंच लैब कर्मी हकीम अब्दुल करीम, इसरार खान, दिनेश चौरसिया, सोहेल अंसारी, अमन, राहुल और चंद्रशेखर को कोवास मशीन से जांचें करने का प्रशिक्षण दिया। इंजीनियर ने बताया कि बृहस्पतिवार से मशीन से जांच रिपोर्ट निकालने के लिए कर्मियों से कहा गया है। सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि रीजेंट व प्रशिक्षण के अभाव इंस्टॉलेशन के बाद मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा था।
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लखनऊ से आए इंजीनियर ने सात लैब कर्मियों को कोवास मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया है। अब इस मशीन से थायराइड, विटामिन बी-12, विटामिन-डी, हॉर्मोंस की 100 तरह के सैंपलों की एक साथ जांच आसानी से की जा सकेगी।
दो मरीजों में मिला टाइफाइड : सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 530 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 149 मरीजों के ब्लड का टेस्ट किया गया। 57 मरीजों के टाइफाइड की जांच में दो में रोग की पुष्टि हुई जबकि मलेरिया के 53 व डेंगू के चार सैंपल निगेटिव रहे।
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जिला अस्पताल में माह मई में 40 लाख रुपये की लागत से कोवास मशीन आई थी जिसे लैब में स्थापित करा दिया गया था। रीजेंट व प्रशिक्षण के अभाव के चलते उसका संचालन नहीं हो पा रहा था। मरीजों की समस्या को देखते हुए 13 जून के अंक में अमर उजाला ने 40 लाख की मशीन बनी शोपीस शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए।
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सोमवार को राजधानी लखनऊ से आए इंजी. आशीष सिंह ने जिला अस्पताल पहुंच लैब कर्मी हकीम अब्दुल करीम, इसरार खान, दिनेश चौरसिया, सोहेल अंसारी, अमन, राहुल और चंद्रशेखर को कोवास मशीन से जांचें करने का प्रशिक्षण दिया। इंजीनियर ने बताया कि बृहस्पतिवार से मशीन से जांच रिपोर्ट निकालने के लिए कर्मियों से कहा गया है। सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि रीजेंट व प्रशिक्षण के अभाव इंस्टॉलेशन के बाद मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा था।
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लखनऊ से आए इंजीनियर ने सात लैब कर्मियों को कोवास मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया है। अब इस मशीन से थायराइड, विटामिन बी-12, विटामिन-डी, हॉर्मोंस की 100 तरह के सैंपलों की एक साथ जांच आसानी से की जा सकेगी।
दो मरीजों में मिला टाइफाइड : सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 530 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 149 मरीजों के ब्लड का टेस्ट किया गया। 57 मरीजों के टाइफाइड की जांच में दो में रोग की पुष्टि हुई जबकि मलेरिया के 53 व डेंगू के चार सैंपल निगेटिव रहे।