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दुष्कर्मी को 20 साल की सजा
महोबा
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:12 PM IST
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) गजेंद्र कुमार ने बुधवार को दुष्कर्म के मामले में आरोप सिद्ध होने पर 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। उसे पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी के माता पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। वह अपने चाचा हनुमंत के घर में रहती है।
एक अक्टूबर 2015 को शाम पांच बजे किशोरी अपने घर में दीया बाती कर चाचा हनुमंत के घर जा रही थी। रास्ते में गांव के ही मुन्नी लाल और नाबालिग लड़का उसे घसीटकर पास में बने बाड़े में ले गए। यहां पर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित किशोरी ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। किशोरी के पिता ने गांव के ही मुन्नी लाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा श्रीनगर थाने में दर्ज कराया था।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद मुन्नी लाल को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा सुनाई जाएगी। मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल यादव ने की। अदालत ने दुष्कर्मी को जेल भेज दिया। वहीं दूसरे आरोपी का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी के माता पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। वह अपने चाचा हनुमंत के घर में रहती है।
एक अक्टूबर 2015 को शाम पांच बजे किशोरी अपने घर में दीया बाती कर चाचा हनुमंत के घर जा रही थी। रास्ते में गांव के ही मुन्नी लाल और नाबालिग लड़का उसे घसीटकर पास में बने बाड़े में ले गए। यहां पर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित किशोरी ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। किशोरी के पिता ने गांव के ही मुन्नी लाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा श्रीनगर थाने में दर्ज कराया था।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद मुन्नी लाल को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा सुनाई जाएगी। मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल यादव ने की। अदालत ने दुष्कर्मी को जेल भेज दिया। वहीं दूसरे आरोपी का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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