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Mahoba News: एक साथ खेले, पढ़े चचेरे भाई-बहन एक साथ दी जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। एक ही पेड़, एक ही रस्सी और फंदे दो। रिश्ते में चचेरे भाई-बहन के फंदे पर झूलते शव का मंजर जिसने भी देखा वह दहल उठा। घटना आत्महत्या की है, लेकिन एक ही परिवार के दो लोगों की मौतों से बरातपहाड़ी गांव में मातम पसरा है। हर किसी की आंखें नम हैं। दोनों चचेरे भाई-बहन एक साथ खेले, पढ़े और फिर अंतिम सांस भी एक साथ ली।
दोनों चचेरे भाई-बहन हमउम्र थे। बचपन से ही दोनों साथ रहे। एक साथ उनका लालन-पालन हुआ। साथ खेले और पढ़ाई भी साथ में ही कर रहे थे। दोनों छिकहरा स्थित स्कूल में कक्षा 11 वीं में अध्ययनरत थे। एक साथ स्कूल भी जाते थे, लेकिन दोनों के जीवन का अंत भी एक साथ इस तरह होगा यह किसी ने सोचा नहीं था। घटना ने गांववासियों को झकझोर दिया तो परिजनों को गम का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक व मृतका का घर अलग-अलग, लेकिन आस-पास ही हैं।
ग्रामीणों में चर्चा है कि घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी है। भाई-बहन का यह रिश्ता कब प्रेम-प्रसंग में बदल गया इसकी भनक परिजनों को नहीं लगी, लेकिन उनकी अभी उम्र ही क्या थी। उन्हें जीवन का लंबा दौर देखना था। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों का जीवन से मोहभंग हो गया। एक साथ जीने की राह देखने वाले दोनों ने एक साथ जीवन को समाप्त करने का इतना बड़ा फैसला कैसे ले लिया यह बात हर किसी की जुबां पर है। मृतक के माता-पिता पंजाब में ईंट-भट्टे में मजदूरी करते हैं जबकि मृतका के माता-पिता गांव में खेती किसानी करते हैं।
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रस्सी के एक छोर के फंदे पर बहन तो दूसरे छोर के फंदे पर भाई का शव लटक रहा था। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। घटना से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे दोनों ने साथ जीने और साथ मरने की कसम खाई हो।
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महोबा। एक ही पेड़, एक ही रस्सी और फंदे दो। रिश्ते में चचेरे भाई-बहन के फंदे पर झूलते शव का मंजर जिसने भी देखा वह दहल उठा। घटना आत्महत्या की है, लेकिन एक ही परिवार के दो लोगों की मौतों से बरातपहाड़ी गांव में मातम पसरा है। हर किसी की आंखें नम हैं। दोनों चचेरे भाई-बहन एक साथ खेले, पढ़े और फिर अंतिम सांस भी एक साथ ली।
दोनों चचेरे भाई-बहन हमउम्र थे। बचपन से ही दोनों साथ रहे। एक साथ उनका लालन-पालन हुआ। साथ खेले और पढ़ाई भी साथ में ही कर रहे थे। दोनों छिकहरा स्थित स्कूल में कक्षा 11 वीं में अध्ययनरत थे। एक साथ स्कूल भी जाते थे, लेकिन दोनों के जीवन का अंत भी एक साथ इस तरह होगा यह किसी ने सोचा नहीं था। घटना ने गांववासियों को झकझोर दिया तो परिजनों को गम का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक व मृतका का घर अलग-अलग, लेकिन आस-पास ही हैं।
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ग्रामीणों में चर्चा है कि घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी है। भाई-बहन का यह रिश्ता कब प्रेम-प्रसंग में बदल गया इसकी भनक परिजनों को नहीं लगी, लेकिन उनकी अभी उम्र ही क्या थी। उन्हें जीवन का लंबा दौर देखना था। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों का जीवन से मोहभंग हो गया। एक साथ जीने की राह देखने वाले दोनों ने एक साथ जीवन को समाप्त करने का इतना बड़ा फैसला कैसे ले लिया यह बात हर किसी की जुबां पर है। मृतक के माता-पिता पंजाब में ईंट-भट्टे में मजदूरी करते हैं जबकि मृतका के माता-पिता गांव में खेती किसानी करते हैं।
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रस्सी के एक छोर के फंदे पर बहन तो दूसरे छोर के फंदे पर भाई का शव लटक रहा था। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। घटना से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे दोनों ने साथ जीने और साथ मरने की कसम खाई हो।