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महोबाः उमसभरी गर्मी में बिजली ने छीना सुख-चैन
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श्रीनगर (महोबा)। गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई है। कस्बा श्रीनगर समेत 42 गांवों में अघोषित कटौती से ग्रामीणों में नाराजगी है। 24 घंटे में महज 10 घंटे ही बिजली मिलने से उमसभरी गर्मी ने लोगों को सुख-चैन छीन लिया है।
श्रीनगर में स्थापित 33 केवीए पावर हाउस से 42 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। एक माह से बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। अवर अभियंता अपने साथ लाइनमैन व अन्य कर्मचारियों को भी शिविर में ले जाते हैं। इससे ट्रिपिंग व फाल्ट होने पर घंटों आपूर्ति प्रभावित रहती है। सूचना के बाद भी लाइन दुरुस्त न किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
उपभोक्ता महेंद्र कुमार, मनोज, भरतलाल, रामबाबू, अनूप कुमार आदि का कहना है कि गर्मी के मौसम में आठ से 10 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। उधर, अवर अभियंता जयवीर सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर गांव में शिविर व मीटर लगाने का काम चल रहा है। इसमें लाइनमैनों को ले जाना मजबूरी है। फाल्ट की सूचना पर कर्मचारियों को भेजकर आपूर्ति बहाल करा दी जाती है।
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श्रीनगर में स्थापित 33 केवीए पावर हाउस से 42 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। एक माह से बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। अवर अभियंता अपने साथ लाइनमैन व अन्य कर्मचारियों को भी शिविर में ले जाते हैं। इससे ट्रिपिंग व फाल्ट होने पर घंटों आपूर्ति प्रभावित रहती है। सूचना के बाद भी लाइन दुरुस्त न किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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उपभोक्ता महेंद्र कुमार, मनोज, भरतलाल, रामबाबू, अनूप कुमार आदि का कहना है कि गर्मी के मौसम में आठ से 10 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। उधर, अवर अभियंता जयवीर सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर गांव में शिविर व मीटर लगाने का काम चल रहा है। इसमें लाइनमैनों को ले जाना मजबूरी है। फाल्ट की सूचना पर कर्मचारियों को भेजकर आपूर्ति बहाल करा दी जाती है।
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