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पशुओं की भूख प्यास मिटाने की कवायद तेज
Animal appetite thirst intensified efforts to eradicate
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:00 AM IST
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सूखे के चलते पशुओ को भूख और प्यास से बचाने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिले में आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर शुक्रवार से भूसा वितरण का कार्य शुरू करा दिया है। इससे किसानों को भारी राहत मिली है। वहीं अन्ना जानवरों की भी भूख मिटने लगी है।
मंडी परिसर में शुक्रवार को लघु किसानों और सीमांत किसानों को नायब तहसीलदार लखनलाल राजपूत, लखपाल रामदास यादव, ग्राम प्रधान हीरालाल राजपूत, डा. एसके तिवारी ने भूसा वितरण किया। जिसमें बड़े जानवरों को पांच किलो और छोटे जानवर को ढाई किलो प्रति पशु के हिसाब से भूसा दिया गया।
गांव में भूसा वितरण की खबर फैलते ही किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वितरण कार्यक्रम के पहले दिन ग्राम भरवारा में करीब 600 किसानों को भूसा वितरित किया गया।
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इसी तरह रिवई, रैपुरा, पचपहरा सहित आधा दर्जन गांव में भूसे का वितरण किया गया। मध्य प्रदेश से छह केंद्रों पर आया एक एक ट्रक भूसा चंद घंटों में खत्म हो गया है। इसी तरह अन्ना पशुओं की प्यास बुझाने के लिए प्रशासन ने जगह जगह चरही बना दी है।
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मंडी परिसर में शुक्रवार को लघु किसानों और सीमांत किसानों को नायब तहसीलदार लखनलाल राजपूत, लखपाल रामदास यादव, ग्राम प्रधान हीरालाल राजपूत, डा. एसके तिवारी ने भूसा वितरण किया। जिसमें बड़े जानवरों को पांच किलो और छोटे जानवर को ढाई किलो प्रति पशु के हिसाब से भूसा दिया गया।
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गांव में भूसा वितरण की खबर फैलते ही किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वितरण कार्यक्रम के पहले दिन ग्राम भरवारा में करीब 600 किसानों को भूसा वितरित किया गया।
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इसी तरह रिवई, रैपुरा, पचपहरा सहित आधा दर्जन गांव में भूसे का वितरण किया गया। मध्य प्रदेश से छह केंद्रों पर आया एक एक ट्रक भूसा चंद घंटों में खत्म हो गया है। इसी तरह अन्ना पशुओं की प्यास बुझाने के लिए प्रशासन ने जगह जगह चरही बना दी है।