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कुलपहाड़ मंडी में उपज बेंचने आए किसानों ने लगाया शोषण का आरोप
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कुलपहाड़ (महोबा)। किसानों ने शुक्रवार को डीएम से मिलकर आरोप लगाते हुए कहा कि पल्लेदार व आढ़तिये अधिक मूंगफली लेकर शोषण कर रहे हैं, उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
कस्बे की मंडी में सरकारी कर्मचारी न होने के चलते किसानों को शोषण जारी है। यहां मंडी सचिव का कोई कार्यालय नहीं हैं। इससे पल्लेदार और आढ़तिये मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। कुलपहाड़ तहसील के चारुआ गांव निवासी देवकीनंदन राजपूत मूंगफली बेचने के लिए कुलपहाड़ मंडी आए।
बताया कि उनकी मूंगफली सात क्विंटल खरीदी गई। प्लास्टिक की बोरी में 50 किलो की वजाय 52 किलो की भर्ती की गई। इससे एक क्विंटल पर चार किलोग्राम मूंगफली अलग से ले ली गई। इससे 28 किलोग्राम अलग से ली गई मूंगफली का उन्हें कोई पैसा नहीं मिला। विरोध करने पर आढ़तियों ने बताया कि प्रत्येक किसान से एक क्विंटल मूंगफली खरीद पर चार किलो मूंगफली ली जा रही है। किसानों ने शोषण की शिकायत डीएम सत्येंद्र कुमार से की है।
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कस्बे की मंडी में सरकारी कर्मचारी न होने के चलते किसानों को शोषण जारी है। यहां मंडी सचिव का कोई कार्यालय नहीं हैं। इससे पल्लेदार और आढ़तिये मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। कुलपहाड़ तहसील के चारुआ गांव निवासी देवकीनंदन राजपूत मूंगफली बेचने के लिए कुलपहाड़ मंडी आए।
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बताया कि उनकी मूंगफली सात क्विंटल खरीदी गई। प्लास्टिक की बोरी में 50 किलो की वजाय 52 किलो की भर्ती की गई। इससे एक क्विंटल पर चार किलोग्राम मूंगफली अलग से ले ली गई। इससे 28 किलोग्राम अलग से ली गई मूंगफली का उन्हें कोई पैसा नहीं मिला। विरोध करने पर आढ़तियों ने बताया कि प्रत्येक किसान से एक क्विंटल मूंगफली खरीद पर चार किलो मूंगफली ली जा रही है। किसानों ने शोषण की शिकायत डीएम सत्येंद्र कुमार से की है।
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