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मां को सता रही बच्चाें की परवरिश की चिंता
Mahoba
Updated Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
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महोबा। थाना अजनर के ग्राम पुरवा पनवाड़ी में किसान की आत्महत्या के बाद मृतक किसान की पत्नी को बच्चाें की परवरिश की चिंता सता रही है। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। पति की मौत के सदमे से वह सुधबुध खो बैठी है।
ग्राम पुरवा पनवाड़ी निवासी पूरन (34) पुत्र मुकुंदा ढीमर चार बीघा जमीन पर दिन रात मेहनत करके किसी तरह परिवार की गुजर बसर करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने से पत्नी भी उसके कामाें में हाथ बंटाती थी लेकिन अब पति की मौत के बाद वह अकेली पड़ गई है। उसे अपने पांच बच्चाें की परवरिश की चिंता सता रही है। घर में रोना पीटना मचा हुआ है। मृतक किसान अपने पीछे पांच बच्चे छोड़ गया है। पूजा (13), बाबू (11), रिंकी (9), राहुल (7) और सज्जन (4) छोड़ गया है। इन मासूम बच्चाें को शिक्षा दिलाना तो दूर अब इनको दो जून की रोटी मयस्सर करने के लिए मां खासी परेशान है। वह रोते-रोते बेहोश हो जाती है और होश में आने पर पुन: रोने लगती है। पति की मौत के सदमे में वह सुधबुध खो बैठी है।
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ग्राम पुरवा पनवाड़ी निवासी पूरन (34) पुत्र मुकुंदा ढीमर चार बीघा जमीन पर दिन रात मेहनत करके किसी तरह परिवार की गुजर बसर करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने से पत्नी भी उसके कामाें में हाथ बंटाती थी लेकिन अब पति की मौत के बाद वह अकेली पड़ गई है। उसे अपने पांच बच्चाें की परवरिश की चिंता सता रही है। घर में रोना पीटना मचा हुआ है। मृतक किसान अपने पीछे पांच बच्चे छोड़ गया है। पूजा (13), बाबू (11), रिंकी (9), राहुल (7) और सज्जन (4) छोड़ गया है। इन मासूम बच्चाें को शिक्षा दिलाना तो दूर अब इनको दो जून की रोटी मयस्सर करने के लिए मां खासी परेशान है। वह रोते-रोते बेहोश हो जाती है और होश में आने पर पुन: रोने लगती है। पति की मौत के सदमे में वह सुधबुध खो बैठी है।
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