{"_id":"5c8bee67bdec2213e92910a7","slug":"31552674407-mahoba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांध का काम बंद कराने पर एसडीएम ने कराया समझौता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांध का काम बंद कराने पर एसडीएम ने कराया समझौता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कबरई (महोबा)। 125 करोड़ की लागत से चल रहे कबरई बांध के उच्चीकरण काम को किसानों ने वार्षिकी मुआवजे की मांग को लेकर रुकवा दिया। जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। शुक्रवार को आनन फानन में कबरई बांध जाकर प्रशासनिक अधिकारियों ने मुआवजा जल्द दिलाने की बात कहकर किसानों को समझाया और काम पुन: शुरू करा दिया। ताकि 2600 करोड़ की अर्जुन सहायक बांध परियोजना जल्द परवान चढ़ सके।
वर्ष 2009 से अर्जुन सहायक बांध परियोजना का निर्माण कार्य सिंचाई विभाग 2600 करोड़ की लागत से कर रहा है। जिसके अंतर्गत कबरई बांध के उच्चीकरण का काम 125 करोड़ की लागत से शामिल है। जिसमें कबरई, गंज, धरौंन, झिरसहेबा, अलीपुरा आदि की जमीन अधिग्रहीत की गई हैं। किसान दयाराम अनुरागी, पंखु, रामदयाल, बद्री सिंह, मुन्नीलाल, केशव आदि का कहना है कि वर्ष 2010-11में शासनादेश था कि किसानों की अधिग्रहित भूमि के बाद 23 हजार रुपये प्रति एकड़ 33 साल तक वार्षिकी का भुगतान सिंचाई विभाग करेगा। किसानों ने अपनी जमीन इसी आधार पर दे दी थी। अब सरकार वार्षिकी देने में आनाकानी कर रही है।
वार्षिकी न मिलने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को कबरई बांध पहुंच काम रुकवा दिया। सूचना पर बांध स्थल सिंचाई विभाग के डाक बंगला पहुंचे एसडीएम सदर राजेश यादव, सीओ सदर जटाशंकर राव ने आंदोलित किसानों से वार्ता की। एसडीएम ने बताया कि डीएम मार्च के पहले सप्ताह में ही शासन को वार्षिकी के भुगतान की मांग के बारे में पत्र लिख चुके हैं। चुनाव बाद हर हाल में शासन स्तर पर पैरवी कर किसानों की समस्या का हल निकलवा जाएगा। एसडीएम व सीओ के समझाने पर किसान मान गए और बंद पड़ा काम फिर से चालू करा दिया।
विज्ञापन
बांध का काम बंद कराने पर एसडीएम ने कराया समझौता
- डीएम शासन को 33 हजार प्रति एकड़ वार्षिकी की मांग को लेकर भेज चुके हैं पत्र
वर्ष 2009 से अर्जुन सहायक बांध परियोजना का निर्माण कार्य सिंचाई विभाग 2600 करोड़ की लागत से कर रहा है। जिसके अंतर्गत कबरई बांध के उच्चीकरण का काम 125 करोड़ की लागत से शामिल है। जिसमें कबरई, गंज, धरौंन, झिरसहेबा, अलीपुरा आदि की जमीन अधिग्रहीत की गई हैं। किसान दयाराम अनुरागी, पंखु, रामदयाल, बद्री सिंह, मुन्नीलाल, केशव आदि का कहना है कि वर्ष 2010-11में शासनादेश था कि किसानों की अधिग्रहित भूमि के बाद 23 हजार रुपये प्रति एकड़ 33 साल तक वार्षिकी का भुगतान सिंचाई विभाग करेगा। किसानों ने अपनी जमीन इसी आधार पर दे दी थी। अब सरकार वार्षिकी देने में आनाकानी कर रही है।
विज्ञापन
वार्षिकी न मिलने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को कबरई बांध पहुंच काम रुकवा दिया। सूचना पर बांध स्थल सिंचाई विभाग के डाक बंगला पहुंचे एसडीएम सदर राजेश यादव, सीओ सदर जटाशंकर राव ने आंदोलित किसानों से वार्ता की। एसडीएम ने बताया कि डीएम मार्च के पहले सप्ताह में ही शासन को वार्षिकी के भुगतान की मांग के बारे में पत्र लिख चुके हैं। चुनाव बाद हर हाल में शासन स्तर पर पैरवी कर किसानों की समस्या का हल निकलवा जाएगा। एसडीएम व सीओ के समझाने पर किसान मान गए और बंद पड़ा काम फिर से चालू करा दिया।
विज्ञापन
बांध का काम बंद कराने पर एसडीएम ने कराया समझौता
- डीएम शासन को 33 हजार प्रति एकड़ वार्षिकी की मांग को लेकर भेज चुके हैं पत्र