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महोबा के कजली मेले की शोभायात्रा में शामिल होंगी 30 झांकियां

Thu, 11 Aug 2022 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2022 12:16 AM IST
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30 tableaux will be included in the procession of Mahoba's Kajali fair
इस कीरत सागर तट पर लगेगा मेला। - फोटो : MAHOBA
महोबा। उत्तर भारत के मशहूर कजली मेले का आगाज 12 अगस्त को शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा में मथुरा वृंदावन का मयूर नृत्य व राधाकृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले दिन जिले के अलावा हमीरपुर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, रीवा, सतना से हजारों लोगों के आने की संभावना है।
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शहीद स्थल हवेली दरवाजा से शुरू होकर शोभायात्रा कीरत सागर पहुंचेगी, जहां भुजरियों का विसर्जन होगा। शोभायात्रा में 30 विद्यालयों की झांकी, 100 घोड़े, तीन ऊंट व हाथी शामिल रहेंगे। कीरत सागर तट पर मेले के साथ आठ दिन रंगारंग कार्यक्रम होंगे। इसमें मुंबई, कानपुर व लखनऊ के कलाकार धमाल मचाएंगे। बुंदेली लोक संस्कृति से जुड़े आल्हा गायन, सावन गीत, राई नृत्य, कछियाई फाग, लोकनृत्य, लोकगीत, दिवारी नृत्य आदि के आयोजन चलेंगेे।
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फोटो 10 एमएएचपी 04 परिचय-कीरत सागर में मेले को लेकर लगे झूले।
मेले में लगे झूले, दुकानदारों ने जमाया डेरा
कजली मेले में महज एक दिन का समय शेष होने के चलते दुकानदारों व झूला संचालकों ने डेरा जमा लिया है। इस बार मध्यप्रदेश के सागर के झूला संचालकों ने मेले में झूले लगाएं हैं। मेले में ब्रेकडांस, ट्रेन, नाव, ज्वाइंट व्हील के अलावा बच्चों के झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा जादूगर व अन्य खेल-तमाशों के आयोजन होंगे। कजली मेले को लेकर विभिन्न जनपदों के दुकानदारों ने दुकानें लगाना शुरू कर दी हैं। मेले में सबसे ज्यादा बिक्री देशी लाठी की होती है।
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मेले को लेकर पहले जैसा उत्साह नहीं
ऐतिहासिक कजली मेले को लेकर एक दशक पहले तक हर घर में दो से चार रिश्तेदार आते थे। जो कुछ दिन रुककर मेले व कार्यक्रमों का आनंद लेते थे लेकिन अब पहले जैसा उत्साह नहीं है। इक्का-दुक्का लोगों के यहां ही रिश्तेदार एक से दो दिन रुककर चले जाते हैं। पूर्व प्रधानाचार्य व समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी बताते हैं कि रक्षाबंधन पर्व पर आयोजित होने वाले कजली मेले के लिए दो दिन पहले से रिश्तेदार आ जाते थे। जिनके खानपान की व्यवस्था बेहतर तरीके से करते थे लेकिन अब समय के साथ सब कुछ बदल गया है। युवा पीढ़ी इस ओर रुचि नहीं ले रही है।

कीरत सागर में मेले को लेकर लगे झूले।

कीरत सागर में मेले को लेकर लगे झूले।- फोटो : MAHOBA

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