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गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सबसे सच्ची भक्ति-डा. अनुरागी
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महोबा। सत्संग समिति के तत्वावधान में रविवार को अमृतवाणी सत्संग कार्यक्रम का आयोजन कठकुलवापुरा स्थित संत कबीर आश्रम में किया गया, जिसमें वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सबसे सच्ची भक्ति है। सत्संग से नैतिकता, सदआचरण व अध्यात्म का ज्ञान मिलता है, जिससे राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती है।
कबीर आश्रम में आयोजित सत्संग की शुरूआत कबीर वंदना जय कबीर, जय कबीर जय गुरु कबीरा के साथ हुई। कार्यक्रम में बुंदेली कवि हरदयाल हरि अनुरागी ने भजन माटी के मटके राम-राम बोल सुनाया तो पं. आशाराम तिवारी ने मोको कहां ढूढ़े वंदे मैं तो तेरे पास सुनाया। राजेंद्र सिंह राजपूत ने अखियां हरि दर्शन को प्यासी भजन सुनाया। इस मौके पार चंद्रिका महाविद्यालय के प्रबंधक अरविंद सिंह कछवाह, सीताराम, किशोरदादा पुरवार, कमलापत, रामप्रकाश, मोहन, हरप्रसाद सहित तमाम भक्त मौजूद रहे।
गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सबसे सच्ची भक्ति-डॉ. अनुरागी
- अमृतवाणी सत्संग में भजन सुनकर श्रोता हुए भाव-विभोर
कबीर आश्रम में आयोजित सत्संग की शुरूआत कबीर वंदना जय कबीर, जय कबीर जय गुरु कबीरा के साथ हुई। कार्यक्रम में बुंदेली कवि हरदयाल हरि अनुरागी ने भजन माटी के मटके राम-राम बोल सुनाया तो पं. आशाराम तिवारी ने मोको कहां ढूढ़े वंदे मैं तो तेरे पास सुनाया। राजेंद्र सिंह राजपूत ने अखियां हरि दर्शन को प्यासी भजन सुनाया। इस मौके पार चंद्रिका महाविद्यालय के प्रबंधक अरविंद सिंह कछवाह, सीताराम, किशोरदादा पुरवार, कमलापत, रामप्रकाश, मोहन, हरप्रसाद सहित तमाम भक्त मौजूद रहे।
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गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सबसे सच्ची भक्ति-डॉ. अनुरागी
- अमृतवाणी सत्संग में भजन सुनकर श्रोता हुए भाव-विभोर