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कूड़े के ढ़ेर में पड़ी मिली कीमती दवाएं, डीएम ने लगाई फटकार
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कबरई (महोबा)। कस्बा कबरई के वर्मा तालाब के समीप एंटीबायोटिक इंजेक्शन व अन्य दवाएं कूड़े के ढेर में पड़ी होने की सूचना पर जिलाधिकारी सहदेव सीएचसी कबरई पहुंच गए। दवाएं एक्सपायर न होने के बाद भी कूड़े में फेंके जाने पर उन्होंने कड़ी फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए। इसके बाद सीएचसी व दवाओं के स्टॉक का बारीकी से निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण से विभाग में हड़कंप मचा रहा।
कस्बे के वर्मा तालाब के समीप बुधवार की सुबह अस्पताल की दवाएं पड़ी मिली। दवाओं में 2022 तक की एक्सपायरी डेट लिखी थी। लोगों ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों व डीएम को दी। सूचना पर जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और दवाओं की जांच की। जिसमें एक्सपायरी दवाओं के साथ बिना एक्सपायर एंटीबायोटिक इंजेक्शन मिलने पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए। डॉ. ईश्वरचंद्र प्रजापति ने डीएम को बताया कि नोडल अधिकारी के निरीक्षण से पहले पुरानी दवाएं नगर पंचायत के सफाई कर्मियों को दे दी गई थी। हो सकता है कुछ प्रयोग की हुई 2022 तक की एक्सपायरी दवाएं भी साथ चली गई हो। डीएम ने कहा कि केवल ठेकेदार को ही निष्प्रयोज दवाएं नष्ट करने के लिए दी जाए।
इसके बाद डीएम ने अस्पताल में दवा स्टोर का गहन निरीक्षण किया। वहां भर्ती मरीज रामकुमारी, दयाशंकर, रीता गुप्ता आदि से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मरीजों को इलाज की गुणवत्तापरक व्यवस्था की जाए। डीएम के निरीक्षण से सीएचसी में हड़कंप मचा रहा। अस्पताल के सामने खुले मेडिकल स्टोर संचालक भी डीएम की पूछतांछ के डर से शटर गिराकर खिसक गए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
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कस्बे के वर्मा तालाब के समीप बुधवार की सुबह अस्पताल की दवाएं पड़ी मिली। दवाओं में 2022 तक की एक्सपायरी डेट लिखी थी। लोगों ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों व डीएम को दी। सूचना पर जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और दवाओं की जांच की। जिसमें एक्सपायरी दवाओं के साथ बिना एक्सपायर एंटीबायोटिक इंजेक्शन मिलने पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए। डॉ. ईश्वरचंद्र प्रजापति ने डीएम को बताया कि नोडल अधिकारी के निरीक्षण से पहले पुरानी दवाएं नगर पंचायत के सफाई कर्मियों को दे दी गई थी। हो सकता है कुछ प्रयोग की हुई 2022 तक की एक्सपायरी दवाएं भी साथ चली गई हो। डीएम ने कहा कि केवल ठेकेदार को ही निष्प्रयोज दवाएं नष्ट करने के लिए दी जाए।
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इसके बाद डीएम ने अस्पताल में दवा स्टोर का गहन निरीक्षण किया। वहां भर्ती मरीज रामकुमारी, दयाशंकर, रीता गुप्ता आदि से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मरीजों को इलाज की गुणवत्तापरक व्यवस्था की जाए। डीएम के निरीक्षण से सीएचसी में हड़कंप मचा रहा। अस्पताल के सामने खुले मेडिकल स्टोर संचालक भी डीएम की पूछतांछ के डर से शटर गिराकर खिसक गए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
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