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आल्हा गायकी को अभी तक नही मिला अभीष्ट सम्मान
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। अपर महानिदेशक सुरक्षा विजय कुमार ने कहा कि आल्हा गायकी को अभी तक अभीष्ट (वांछित) सम्मान नहीं मिल सका है। इसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना चाहिए। तभी इस गायकी का संरक्षण हो सकता है। बुंदेलखंडी गायकी अपने आप में अनूठी है। इस गायकी में अधिक श्रम है। कलाकारों के सम्मान के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
अपर महानिदेशक सुरक्षा शनिवार की रात चंद्रकुंवर पैलेस में मुकुंद फाउंडेशन की और से आयोजित आल्हा गायन कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। अपर महानिदेशक सुरक्षा ने बुंदेलखंड के शैलचित्रों पर विस्तृत शोध किया है। इसके बाद आल्हा गायक चरन सिंह ने भारत मां के उदर से निकले रत्न महान, न्याय नीति सतधर्म में रखे देश की शान पंक्तियों के माध्यम से देशभक्ति का जज्बा भरा।
आल्हा गायक हीरालाल साहू ने माड़ौ की लड़ाई का वर्णन किया। आल्हा सम्राट बच्चा सिंह ने वीर आल्हा-ऊदल की वीरता से जुड़ी लड़ाइयों का वर्णन कर दर्शकों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। इसके अलावा अमृता सिंह ने भी आल्हा गायन से सभी का दिल जीत लिया। इस मौके पर मुकुंद फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज तिवारी, पं. जगप्रसाद तिवारी समेत भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।
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आल्हा गायकी को अभी तक नहीं मिला अभीष्ट सम्मान
-मुकुंद फाउंडेशन द्वारा आयोजित हुआ आल्हा गायन कार्यक्रम
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महोबा। अपर महानिदेशक सुरक्षा विजय कुमार ने कहा कि आल्हा गायकी को अभी तक अभीष्ट (वांछित) सम्मान नहीं मिल सका है। इसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना चाहिए। तभी इस गायकी का संरक्षण हो सकता है। बुंदेलखंडी गायकी अपने आप में अनूठी है। इस गायकी में अधिक श्रम है। कलाकारों के सम्मान के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
अपर महानिदेशक सुरक्षा शनिवार की रात चंद्रकुंवर पैलेस में मुकुंद फाउंडेशन की और से आयोजित आल्हा गायन कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। अपर महानिदेशक सुरक्षा ने बुंदेलखंड के शैलचित्रों पर विस्तृत शोध किया है। इसके बाद आल्हा गायक चरन सिंह ने भारत मां के उदर से निकले रत्न महान, न्याय नीति सतधर्म में रखे देश की शान पंक्तियों के माध्यम से देशभक्ति का जज्बा भरा।
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आल्हा गायक हीरालाल साहू ने माड़ौ की लड़ाई का वर्णन किया। आल्हा सम्राट बच्चा सिंह ने वीर आल्हा-ऊदल की वीरता से जुड़ी लड़ाइयों का वर्णन कर दर्शकों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। इसके अलावा अमृता सिंह ने भी आल्हा गायन से सभी का दिल जीत लिया। इस मौके पर मुकुंद फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज तिवारी, पं. जगप्रसाद तिवारी समेत भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।
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आल्हा गायकी को अभी तक नहीं मिला अभीष्ट सम्मान
-मुकुंद फाउंडेशन द्वारा आयोजित हुआ आल्हा गायन कार्यक्रम