फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   There is no facility for thyroid testing in CHC, resort to private centers

Maharajganj News: सीएचसी में थायराइड जांच की सुविधा नहीं निजी सेंटरों का सहारा

Mon, 25 Mar 2024 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 25 Mar 2024 01:16 AM IST
विज्ञापन
There is no facility for thyroid testing in CHC, resort to private centers
जिला अस्पताल में जांच की सुविधा तो बढ़ा दबाव, नीजी लैब में रकम खर्च कर जांच कराते मरीज
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल में जांच होने से मरीजों का दबाव बढ़ गया है। ज्यादातर मरीजों को बाहर निजी लैब में रकम देकर जांच कराना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं समेत अन्य लोगों के जांच के लिए नीजी सेंटरों का सहारा रहता है। दूर दराज से कुछ लोग जिला अस्पताल आकर जांच करा लेते हैं, जो यहां तक नहीं पहुंचते हैं, वे निजी पैथोलॉजी लैब पर जाने को मजबूर हैं।जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी चिकित्सालयों में पैथोलॉजी लैब स्थापित है, लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब को छोड़कर अन्य सभी लैब पर थायराइड की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि सभी सरकारी चिकित्सालयों में प्रतिदिन चिकित्सक गर्भवती महिला समेत अन्य रोगियों को थायराइड जांच की सलाह देते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए परेशान होना पड़ता है। ऐसे में अधिकांश महिलाएं जांच से वंचित रह जाती हैं। इसके बावजूद सरकारी चिकित्सालयों में थायराइड जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।


निचलौल सीएचसी अधीक्षक डॉ. अग्रेस सिंह के अनुसार थायराइड जांच दो प्रकार की होती है। इसमें हाइपो थायराइड होने पर अचानक वजन बढ़ने लगता है। इस कारण व्यक्ति काम में रुचि नहीं लेता है, जबकि महिलाओं की माहवारी में अनियमितता हो जाती है। जोड़ों में पानी भर जाता है, जिससे पैरों में सूजन आ जाता है। यह 30 से 60 वर्ष की महिलाओं में अधिक होता है। दूसरा हायपर थायराइड है, जिसमें वजन अचानक कम होने लगता है। ऐसे में गर्मी बर्दाश्त नहीं होती है। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और पीड़ित महिला के प्रजनन शक्ति पर असर पड़ता है। यह बीमारी 20 साल की महिलाओं को अधिक होती है।
विज्ञापन




खोन्हौली गांव की मंजू देवी ने बताया कि चिकित्सक ने थायराइड जांच के लिए लिखा है। निचलौल सरकारी चिकित्सालय में जांच की सुविधा नहीं है। नीजी पैथालाजी में थायराइड जांच कराई। मदनपुरा गांव की सुनैना देवी कहती है कि सदर सीएचसी में जांच कराने गई तो बताया गया कि यहां जांच नहीं हो पाएगा। इस वजह से जिला अस्पताल गई, लेकिन वहां भीड़ के कारण बाहर जाकर जांच कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन




सीएमओ डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि थायराइड जांच की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध है। सीएचसी स्तर पर इसकी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed