{"_id":"65d4a8ceacf9ebdae107076e","slug":"the-person-guilty-of-raping-a-teenage-girl-gets-10-years-imprisonment-and-his-associate-gets-seven-years-imprisonment-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-116230-2024-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष व सहयोगी को सात वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष व सहयोगी को सात वर्ष की कैद
Tue, 20 Feb 2024 06:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 20 Feb 2024 06:57 PM IST
विज्ञापन
महराजगंज। किशोरी को बहला-फुसलाकर भाग ले जाने व दुष्कर्म करने के आरोपी तौफीक व भगाने में सहयोग करने वाले नूर मोहम्मद उर्फ परवेज को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह (द्वितीय) ने 10 वर्ष व सहयोगी को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 18000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक विनोद सिंह ने बताया कि पीड़ित गाजीपुर जिले का रहने वाला है। वह महराजगंज शहर में किराए पर रहता है। साथ में उसकी बेटी भी रहती है। तौफीक एवं नूर मोहम्मद उर्फ परवेज दो अगस्त 2018 को उसे भगा ले गए थे। तलाश करने पर नहीं मिली तो इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस अधीक्षक महाराजगंज के आदेश अनुसार थाना कोतवाली सदर, जनपद महराजगंज में केस दर्ज कर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। विचारण के दौरान सात गवाह एवं 13 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूतों के आधार पर सजा सुनाई। संवाद
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक विनोद सिंह ने बताया कि पीड़ित गाजीपुर जिले का रहने वाला है। वह महराजगंज शहर में किराए पर रहता है। साथ में उसकी बेटी भी रहती है। तौफीक एवं नूर मोहम्मद उर्फ परवेज दो अगस्त 2018 को उसे भगा ले गए थे। तलाश करने पर नहीं मिली तो इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस अधीक्षक महाराजगंज के आदेश अनुसार थाना कोतवाली सदर, जनपद महराजगंज में केस दर्ज कर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। विचारण के दौरान सात गवाह एवं 13 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूतों के आधार पर सजा सुनाई। संवाद
विज्ञापन