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पानी का दबाव बढ़ने से नारायणी नहर का किनारा कटा
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गोपाला गांव के पास कटी नारायणी नहर।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
पानी का दबाव बढ़ने से नारायणी नहर का किनारा कटा
खेत में खड़ी फसल जलमग्न, 18 गांवों की 60 हजार से अधिक आबादी का आवागमन बाधित
सिंचाई विभाग की ओर से कटान स्थल को भरने में श्रमिक जुटे
महराजगंज। नारायणी नहर में पानी का दबाव बढ़ने से गोपाला गांव के सिवान के पास लगभग तीस मीटर से अधिक नहर का किनारा कट गया है। इससे आसपास के खेतों में जलभराव हो गया है। मार्ग के बह जाने से आवागमन भी बाधित हो गया है, जिससे 18 गांवों की करीब 60 हजार से अधिक की आबादी को आने जाने में दिक्कत हो रही है।
पानी का दबाव नहीं झेल पाने की वजह से सोमवार को अचानक नहर कट गई। मंगलवार को सिंचाई विभाग की तरफ से कटे हुए स्थान पर मिट्टी गिराकर भरने का काम शुरू किया गया। नहर का किनारा अधिक कटने के कारण समस्या बढ़ गई है। मार्ग बह जाने से क्षेत्र के लोगों को महराजगंज जिला मुख्यालय आने के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है।
गोपाला गांव के सिवान में धान फसल डूब गई है। किसान मीना देवी, ठाकुर जायसवाल, रामवृक्ष, रोशन, वेदल, छांगुर ने बताया कि फसल में अधिक दिनों तक पानी रहा था तो चौपट जाएगी। नहर में अत्यधिक पानी आने के कारण नहर की पटरी करीब 30 फीट तक टूट गई है। यह नहर गेरमा से शिकारपुर के मुख्य रास्ते से जुड़ती है। इस रास्ते हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है।
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सड़क टूटने से बरवा दिगंबर, बरियारपुर, खुरूड़ी, बड़हरा महंथ, परसिया, रामपुर खुर्द, बेलवा, गेरमा, गोपाला, लक्ष्मीपुर एकडंगा, विशुनपुर भड़ेहर, पकड़ी सिसवा, हरखपुरा, परसा गिदही, बल्लो खास, बरवा खुर्द गांवों के लोगों का आगवामन प्रभावित हो गया है। लोगों को लंबी दूरी चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। नहर टूटने से बगल का पांच एकड़ खड़ी फसल वाला खेत सिल्ट से पट गया है। नहर का पानी बगल के हिरना नाले में जा रहा है, जिससे खेतों में पानी नहीं फैल पा रहा है। सिंचाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता विनोद वर्मा ने बताया कि कटान स्थल पर भराई शुरू करा दी गई है। जल्द ही उसे भर कर ठीक करा दिया जाएगा।
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खेत में खड़ी फसल जलमग्न, 18 गांवों की 60 हजार से अधिक आबादी का आवागमन बाधित
सिंचाई विभाग की ओर से कटान स्थल को भरने में श्रमिक जुटे
महराजगंज। नारायणी नहर में पानी का दबाव बढ़ने से गोपाला गांव के सिवान के पास लगभग तीस मीटर से अधिक नहर का किनारा कट गया है। इससे आसपास के खेतों में जलभराव हो गया है। मार्ग के बह जाने से आवागमन भी बाधित हो गया है, जिससे 18 गांवों की करीब 60 हजार से अधिक की आबादी को आने जाने में दिक्कत हो रही है।
पानी का दबाव नहीं झेल पाने की वजह से सोमवार को अचानक नहर कट गई। मंगलवार को सिंचाई विभाग की तरफ से कटे हुए स्थान पर मिट्टी गिराकर भरने का काम शुरू किया गया। नहर का किनारा अधिक कटने के कारण समस्या बढ़ गई है। मार्ग बह जाने से क्षेत्र के लोगों को महराजगंज जिला मुख्यालय आने के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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गोपाला गांव के सिवान में धान फसल डूब गई है। किसान मीना देवी, ठाकुर जायसवाल, रामवृक्ष, रोशन, वेदल, छांगुर ने बताया कि फसल में अधिक दिनों तक पानी रहा था तो चौपट जाएगी। नहर में अत्यधिक पानी आने के कारण नहर की पटरी करीब 30 फीट तक टूट गई है। यह नहर गेरमा से शिकारपुर के मुख्य रास्ते से जुड़ती है। इस रास्ते हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है।
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सड़क टूटने से बरवा दिगंबर, बरियारपुर, खुरूड़ी, बड़हरा महंथ, परसिया, रामपुर खुर्द, बेलवा, गेरमा, गोपाला, लक्ष्मीपुर एकडंगा, विशुनपुर भड़ेहर, पकड़ी सिसवा, हरखपुरा, परसा गिदही, बल्लो खास, बरवा खुर्द गांवों के लोगों का आगवामन प्रभावित हो गया है। लोगों को लंबी दूरी चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। नहर टूटने से बगल का पांच एकड़ खड़ी फसल वाला खेत सिल्ट से पट गया है। नहर का पानी बगल के हिरना नाले में जा रहा है, जिससे खेतों में पानी नहीं फैल पा रहा है। सिंचाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता विनोद वर्मा ने बताया कि कटान स्थल पर भराई शुरू करा दी गई है। जल्द ही उसे भर कर ठीक करा दिया जाएगा।