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सरकारी अस्पतालों में मरीजों के उपचार की नहीं बढ़ रही रफ्तार
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आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज की रफ्तार धीमी
महराजगंज। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इसके लिए 14 सरकारी अस्पतालों का पैनल बना है, लेकिन इनमें मरीजों के इलाज की रफ्तार धीमी है। अब तक 2,708 मरीजों का उपचार किया गया है। सबसे कम नौतनवां सीएचसी में 28 मरीजों का इलाज हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के तहत एक लाख 48 हजार, 450 लाभार्थी परिवार को योजना में शामिल किया गया है। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 14 सीएचसी को योजना को शामिल किया गया है।
21 जुलाई तक जिला अस्पताल में 911, मिठौरा में 107, रतनपुर में 241, घुघली में 153, सिसवा में 123, निचलौल में 139, सदर में 100, लक्ष्मीपुर में 142, परतावल 243, बृजमनगंज 104, फरेंदा में 152, पनियरा में 120 और धानी सीएचसी में 145 मरीजों का इलाज हुआ है।
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कोट
दो लाख 30 हजार सदस्यों गोल्डन कार्ड बन चुका है। आठ निजी व 14 सरकारी अस्पताल में गोल्डन कार्ड धारकों के इलाज की सुविधा है। गांवों में शिविर लगाकर लाभार्थी परिवार के सभी सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षकों के साथ बैठक कर बेहतर ढंग से इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. आईए अंसारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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महराजगंज। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इसके लिए 14 सरकारी अस्पतालों का पैनल बना है, लेकिन इनमें मरीजों के इलाज की रफ्तार धीमी है। अब तक 2,708 मरीजों का उपचार किया गया है। सबसे कम नौतनवां सीएचसी में 28 मरीजों का इलाज हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के तहत एक लाख 48 हजार, 450 लाभार्थी परिवार को योजना में शामिल किया गया है। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 14 सीएचसी को योजना को शामिल किया गया है।
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21 जुलाई तक जिला अस्पताल में 911, मिठौरा में 107, रतनपुर में 241, घुघली में 153, सिसवा में 123, निचलौल में 139, सदर में 100, लक्ष्मीपुर में 142, परतावल 243, बृजमनगंज 104, फरेंदा में 152, पनियरा में 120 और धानी सीएचसी में 145 मरीजों का इलाज हुआ है।
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कोट
दो लाख 30 हजार सदस्यों गोल्डन कार्ड बन चुका है। आठ निजी व 14 सरकारी अस्पताल में गोल्डन कार्ड धारकों के इलाज की सुविधा है। गांवों में शिविर लगाकर लाभार्थी परिवार के सभी सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षकों के साथ बैठक कर बेहतर ढंग से इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. आईए अंसारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी