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Maharajganj News: संगम बनीं जिला पंचायत राज अधिकारी, साक्षी ने संभाली बीएसए की जिम्मेदारी
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महराजगंज। मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, फरेंदा की दो छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई। कक्षा 11 की छात्रा संगम ने जिला पंचायत राज अधिकारी और कक्षा आठ की छात्रा साक्षी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) का दायित्व संभाला। इस दौरान दोनों छात्राओं ने जनसमस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने का कौशल विकसित करने के साथ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था। अधिकारियों ने छात्राओं को जनसेवा के महत्व की जानकारी भी दी। एक दिन की जिला पंचायत राज अधिकारी बनीं संगम ने जनसुनवाई के दौरान नौतनवां विकासखंड के नरकटहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में टाइलीकरण नहीं होने और जलभराव की समस्या से संबंधित शिकायत सुनी। उन्होंने संबंधित ग्राम सचिव को विद्यालय में टाइलीकरण कराने और गांव में नाली निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी गांव से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए मिले आवेदन पर भी संगम ने संबंधित अधिकारी को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
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मानव संपदा पोर्टल से जुड़ी समस्या सुनी
एक दिन की बीएसए बनीं साक्षी ने प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर के सहायक अध्यापक की समस्या सुनी। शिक्षक ने मानव संपदा पोर्टल पर अपना विवरण सक्रिय कराने का अनुरोध किया था। इस पर साक्षी ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर शिक्षक को अवगत कराने के निर्देश दिए। इस दौरान बीएसए सुरजीत सिंह ने छात्रा को विभागीय अभिलेखों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अधिकारी के दायित्वों की जानकारी दी। जनसमस्या के निस्तारण की प्रक्रिया से भी उन्हें परिचित कराया गया।
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लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित इस पहल में छात्राओं को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। दोनों छात्राओं को अधिकारियों की ओर से उपहार भी भेंट किए गए। बीएसए सुरजीत सिंह ने कहा कि इस तरह की पहल से बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को यह विश्वास दिलाना है कि वे अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर भविष्य में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर समाज और देश की सेवा कर सकती हैं।
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इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने का कौशल विकसित करने के साथ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था। अधिकारियों ने छात्राओं को जनसेवा के महत्व की जानकारी भी दी। एक दिन की जिला पंचायत राज अधिकारी बनीं संगम ने जनसुनवाई के दौरान नौतनवां विकासखंड के नरकटहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में टाइलीकरण नहीं होने और जलभराव की समस्या से संबंधित शिकायत सुनी। उन्होंने संबंधित ग्राम सचिव को विद्यालय में टाइलीकरण कराने और गांव में नाली निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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इसी गांव से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए मिले आवेदन पर भी संगम ने संबंधित अधिकारी को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
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मानव संपदा पोर्टल से जुड़ी समस्या सुनी
एक दिन की बीएसए बनीं साक्षी ने प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर के सहायक अध्यापक की समस्या सुनी। शिक्षक ने मानव संपदा पोर्टल पर अपना विवरण सक्रिय कराने का अनुरोध किया था। इस पर साक्षी ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर शिक्षक को अवगत कराने के निर्देश दिए। इस दौरान बीएसए सुरजीत सिंह ने छात्रा को विभागीय अभिलेखों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अधिकारी के दायित्वों की जानकारी दी। जनसमस्या के निस्तारण की प्रक्रिया से भी उन्हें परिचित कराया गया।
लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित इस पहल में छात्राओं को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। दोनों छात्राओं को अधिकारियों की ओर से उपहार भी भेंट किए गए। बीएसए सुरजीत सिंह ने कहा कि इस तरह की पहल से बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को यह विश्वास दिलाना है कि वे अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर भविष्य में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर समाज और देश की सेवा कर सकती हैं।