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Maharajganj News: श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन का विरोध
Wed, 16 Sep 2026 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:44 AM IST
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- ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर डीएम से निर्माण कार्य रोकने की मांग की
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा भिसवा में श्मशान घाट की भूमि पर प्रस्तावित विवाह भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर प्रस्तावित निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीण मुन्ना भास्कर, पूर्व प्रधान नूरआलम, पदमाकर, रामरतन, राममिलन, मीना और मणिमय का कहना है कि ग्राम पंचायत में पीडब्ल्यूडी गोदाम के बगल में स्थित भूमि पर कई पीढ़ियों से शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। पूर्व में ग्राम प्रधानों की ओर से श्मशान घाट के नाम पर यहां पौधरोपण भी कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2015 में श्मशान घाट का साइन बोर्ड और मनरेगा कार्य से संबंधित बोर्ड भी लगाया गया था।
ग्रामीण अरविंद, अक्षय, मंजेश, बिंद्रावती और पुष्पा ने आरोप लगाया कि वर्तमान ग्राम प्रधान/प्रशासक की ओर से श्मशान घाट पर बनी वेदियों को जेसीबी मशीन से बराबर करा दिया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस भूमि का उपयोग श्मशान घाट के रूप में ही होता रहा है इसलिए इसे श्मशान घाट के नाम से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
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ग्रामीणों ने डीएम से जनहित को देखते हुए श्मशान घाट की भूमि पर प्रस्तावित विवाह भवन का निर्माण तत्काल रुकवाने और भूमि की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा भिसवा में श्मशान घाट की भूमि पर प्रस्तावित विवाह भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर प्रस्तावित निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीण मुन्ना भास्कर, पूर्व प्रधान नूरआलम, पदमाकर, रामरतन, राममिलन, मीना और मणिमय का कहना है कि ग्राम पंचायत में पीडब्ल्यूडी गोदाम के बगल में स्थित भूमि पर कई पीढ़ियों से शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। पूर्व में ग्राम प्रधानों की ओर से श्मशान घाट के नाम पर यहां पौधरोपण भी कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2015 में श्मशान घाट का साइन बोर्ड और मनरेगा कार्य से संबंधित बोर्ड भी लगाया गया था।
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ग्रामीण अरविंद, अक्षय, मंजेश, बिंद्रावती और पुष्पा ने आरोप लगाया कि वर्तमान ग्राम प्रधान/प्रशासक की ओर से श्मशान घाट पर बनी वेदियों को जेसीबी मशीन से बराबर करा दिया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस भूमि का उपयोग श्मशान घाट के रूप में ही होता रहा है इसलिए इसे श्मशान घाट के नाम से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
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ग्रामीणों ने डीएम से जनहित को देखते हुए श्मशान घाट की भूमि पर प्रस्तावित विवाह भवन का निर्माण तत्काल रुकवाने और भूमि की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।