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Maharajganj News: अरे भाई! जल्दी पानी फेंको, आग में मां के साथ जल रहा रामआशीष
Fri, 14 Apr 2023 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 14 Apr 2023 01:01 AM IST
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4:30 बजे भोर में धुईंहर से निकली चिंगारी ने लिखी तबाही की इबारत, मंजर देखकर कांप गई रूह, आग पर काबू पाने में लगा एक घंटा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अरे भाई! जल्दी पानी फेंको, आग में अपनी मां के साथ रामआशीष जल रहा है। पानी फेंको, तेजी से फेंको। कुछ करो, बगल वाले हैंडपंप से पानी भरो। आग कहीं पूरे गांव में न फैल जाए। गांव को तबाही से बचाना है तो जल्दी जल्दी पानी फेंको। आसपास के कुछ लोग अपनी झोपड़ी पर पानी फेंक रहे थे।
यह मंजर बृस्पतिवार को भोर में 4:30 बजे भिटौली गांव के अमवा भैंसी गांव में देखने को मिला। गांव में अफरा-तफी मची थी। जहां आग लगी थी, उससे चंद दूरी पर पोखरी सूखी हुई थी। पोखरी में पानी के बजाय, कूड़ा-कचरा आदि भरा था। चारों तरफ से अतिक्रमण हो गया है। लोगों को पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। गांव के लोग कड़ी मशक्कत कर रहे थे। करीब 5:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।
इसके बाद गांव के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गई। गांव के लोगों की सूझबूझ के कारण पूरा गांव आग की चपेट में आने से बच गया। लोगों ने हैंडपंप से पानी निकाकर आग बुझाई।
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गांव के चंद्रभान, सदानंद, देवेंद्र, अयोध्या, सचिन, रमेश, राकेश ने बताया कि आग लगने के दौरान कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बस यही कोशिश हुई कि किसी तरह से आग बुझाकर मां-बेटे को बचा लिया जाए। गनीमत रही कि आग पूरे गांव में नहीं फैली। आग लगने की इस घटना में कौशल्या (55) व उनके इकलौते बेटे रामआशीष (35) की मौत हो गई। जिस मवेशी के लिए दोनों ने अपनी जान गवां दी, उनकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बचपन में ही रामआशीष के पिता की हो चुकी मौत
रामआशीष के पिता विजय नाथ पटेल की मौत करीब 30 साल पहले हो चुकी है। कौशल्या देवी ने किसी से तरह से घर-गृहस्थी को संभाला। रामआशीष को किसी तरह बीए तक पढ़ाया। वह घर पर ही रहकर खेती-बा़री करता था। एक गाय पाल रखा था। उसी गांव को झोपड़ी में बांधा गया था। उसी को बचाने के चक्कर में दोनों ने अपनी जान गवां दी।
ई-रिक्शा चलाकर घर-गृहस्थी चलाते थे रामआशीष
आग लगने की घटना में मृत रामआशीष ई-रिक्शा चलाते थे। इससे होने वाली आमदनी से परिवार का गुजर-बसर होता था। करीब 1.25 एकड़ खेत है। इसे गिरवी रखकर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा था। गांव के उत्तरी छोर पर रामआशीष का घर है। एक कमरा, बरामद पक्का है। आगे झोपड़ी थी। इसमें मवेशी को बांधा गया था। मच्छर से बचाने के लिए धुईंहर सुलगाया गया था। इसी से चिंगारी निकली तो तबाही मच गई।
भतीजे के जन्मदिन में मायके गई थी बबिता
मृत रामआशीष की पत्नी बबिता देवी सिंदुरिया थाना क्षेत्र के पिपराकल्याण गांव में अपने मायके भतीजे के जन्मदिन में शामिल होने गई थी। बेटी अनन्या (5) और पांच साल का बेटा दिव्यांयु (4) भी साथ ननिहाल में थे। बृहस्पतिवार को घटना की जानकारी होने पर बबिता दोनों बच्चों को साथ लेकर अमवा भैंसी पहुंची। तबाही का मंजर देखकर वह बेहोश हो गई। आसपास के लोग बच्चों की देखभाल कर रहे थे। महिलाएं बबिता को ढांढस बंधा रही थी। वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं।
मृतक के परिवार को मिलेगा आठ लाख मुआवजा
महराजगंज। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने घटना के बाद अमवा भैसी गांव में अग्निकांड से प्रभावित परिवार से भेंट की। जिला प्रशासन की ओर से सभी जरूरी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को परिवार को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत तत्काल मुआवजा दिलवाने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी मोहम्मद जसीम ने बताया कि मृतक की पत्नी बबिता को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत कुल आठ लाख मुआवजा दिया जाएगा। पशुओं के त्वरित इलाज की व्यवस्था हुई है। इस दौरान तहसीलदार राजेश कुमार श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष भिटौली सुनील कुमार राय आदि मौजूद रहे। संवाद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने परिजनों को ढांढस बंधाया
भिटौली। सदर तहसील क्षेत्र के अमवा भैंसी में सुबह आग लगने के कारण गाय को बचाने के चक्कर में राम आशीष और कौशल्या देवी की जलकर घटना स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। जैसे ही वे मृतक राम आशीष के घर पहुंचे उसकी पत्नी बबीता रोने लगी। शरद कुमार सिंह ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
संवाद
घटना बेहद दुखद है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत लाभ मिलेगा।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
आग में जिंदा जलकर कई लोगों की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में आग में जिंदा जलकर मौत होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। ऐसे हादसे कई बार हो चुके हैं। इन हादसों से किसी ने अबतक सबक नहीं लिया। आग के बीच तड़पकर मरने वालों की लिस्ट लंबी है।
24 अप्रैल 2022 को महराजगंज जिले के पुरंदरपुर क्षेत्र के ग्राम टेढ़ी टोला आनंदनगर में हादसा हुआ था। ग्राम टेढ़ी टोला आनंदनगर में अचानक आग लगी थी। गगन चौधरी के घर समेत आधा दर्जन घरों को आग ने अपनी जद में ले लिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप ले लिया। इस बीच घर में गगन की 75 वर्षीया पत्नी शिवराजी थीं। आग का विकराल रूप देखकर शिवराजी बचने के लिए घर से बाहर की ओर भागीं, लेकिन निकलते समय आग की लपटों में फंस गईं और बुरी तरह झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई।
सात फरवरी 2023 को जिले में एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग लगने से गर्भवती महिला सहित दो साल की एक मासूम बच्ची की जलकर मौत हो गई थी। मीना व उसकी दो साल की मासूम बच्ची की जलकर मौत हो चुकी थी। 22 सितंबर 2019 को सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के लोहिया नगर वार्ड में शनिवार शाम छह बजे किशन आर्य (20) की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसकर मौत हो गई। वह चौक थाना क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर राजा के रहने वाले थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अरे भाई! जल्दी पानी फेंको, आग में अपनी मां के साथ रामआशीष जल रहा है। पानी फेंको, तेजी से फेंको। कुछ करो, बगल वाले हैंडपंप से पानी भरो। आग कहीं पूरे गांव में न फैल जाए। गांव को तबाही से बचाना है तो जल्दी जल्दी पानी फेंको। आसपास के कुछ लोग अपनी झोपड़ी पर पानी फेंक रहे थे।
यह मंजर बृस्पतिवार को भोर में 4:30 बजे भिटौली गांव के अमवा भैंसी गांव में देखने को मिला। गांव में अफरा-तफी मची थी। जहां आग लगी थी, उससे चंद दूरी पर पोखरी सूखी हुई थी। पोखरी में पानी के बजाय, कूड़ा-कचरा आदि भरा था। चारों तरफ से अतिक्रमण हो गया है। लोगों को पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। गांव के लोग कड़ी मशक्कत कर रहे थे। करीब 5:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।
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इसके बाद गांव के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गई। गांव के लोगों की सूझबूझ के कारण पूरा गांव आग की चपेट में आने से बच गया। लोगों ने हैंडपंप से पानी निकाकर आग बुझाई।
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गांव के चंद्रभान, सदानंद, देवेंद्र, अयोध्या, सचिन, रमेश, राकेश ने बताया कि आग लगने के दौरान कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बस यही कोशिश हुई कि किसी तरह से आग बुझाकर मां-बेटे को बचा लिया जाए। गनीमत रही कि आग पूरे गांव में नहीं फैली। आग लगने की इस घटना में कौशल्या (55) व उनके इकलौते बेटे रामआशीष (35) की मौत हो गई। जिस मवेशी के लिए दोनों ने अपनी जान गवां दी, उनकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बचपन में ही रामआशीष के पिता की हो चुकी मौत
रामआशीष के पिता विजय नाथ पटेल की मौत करीब 30 साल पहले हो चुकी है। कौशल्या देवी ने किसी से तरह से घर-गृहस्थी को संभाला। रामआशीष को किसी तरह बीए तक पढ़ाया। वह घर पर ही रहकर खेती-बा़री करता था। एक गाय पाल रखा था। उसी गांव को झोपड़ी में बांधा गया था। उसी को बचाने के चक्कर में दोनों ने अपनी जान गवां दी।
ई-रिक्शा चलाकर घर-गृहस्थी चलाते थे रामआशीष
आग लगने की घटना में मृत रामआशीष ई-रिक्शा चलाते थे। इससे होने वाली आमदनी से परिवार का गुजर-बसर होता था। करीब 1.25 एकड़ खेत है। इसे गिरवी रखकर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा था। गांव के उत्तरी छोर पर रामआशीष का घर है। एक कमरा, बरामद पक्का है। आगे झोपड़ी थी। इसमें मवेशी को बांधा गया था। मच्छर से बचाने के लिए धुईंहर सुलगाया गया था। इसी से चिंगारी निकली तो तबाही मच गई।
भतीजे के जन्मदिन में मायके गई थी बबिता
मृत रामआशीष की पत्नी बबिता देवी सिंदुरिया थाना क्षेत्र के पिपराकल्याण गांव में अपने मायके भतीजे के जन्मदिन में शामिल होने गई थी। बेटी अनन्या (5) और पांच साल का बेटा दिव्यांयु (4) भी साथ ननिहाल में थे। बृहस्पतिवार को घटना की जानकारी होने पर बबिता दोनों बच्चों को साथ लेकर अमवा भैंसी पहुंची। तबाही का मंजर देखकर वह बेहोश हो गई। आसपास के लोग बच्चों की देखभाल कर रहे थे। महिलाएं बबिता को ढांढस बंधा रही थी। वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं।
मृतक के परिवार को मिलेगा आठ लाख मुआवजा
महराजगंज। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने घटना के बाद अमवा भैसी गांव में अग्निकांड से प्रभावित परिवार से भेंट की। जिला प्रशासन की ओर से सभी जरूरी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को परिवार को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत तत्काल मुआवजा दिलवाने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी मोहम्मद जसीम ने बताया कि मृतक की पत्नी बबिता को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत कुल आठ लाख मुआवजा दिया जाएगा। पशुओं के त्वरित इलाज की व्यवस्था हुई है। इस दौरान तहसीलदार राजेश कुमार श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष भिटौली सुनील कुमार राय आदि मौजूद रहे। संवाद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने परिजनों को ढांढस बंधाया
भिटौली। सदर तहसील क्षेत्र के अमवा भैंसी में सुबह आग लगने के कारण गाय को बचाने के चक्कर में राम आशीष और कौशल्या देवी की जलकर घटना स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। जैसे ही वे मृतक राम आशीष के घर पहुंचे उसकी पत्नी बबीता रोने लगी। शरद कुमार सिंह ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
संवाद
घटना बेहद दुखद है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत लाभ मिलेगा।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
आग में जिंदा जलकर कई लोगों की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में आग में जिंदा जलकर मौत होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। ऐसे हादसे कई बार हो चुके हैं। इन हादसों से किसी ने अबतक सबक नहीं लिया। आग के बीच तड़पकर मरने वालों की लिस्ट लंबी है।
24 अप्रैल 2022 को महराजगंज जिले के पुरंदरपुर क्षेत्र के ग्राम टेढ़ी टोला आनंदनगर में हादसा हुआ था। ग्राम टेढ़ी टोला आनंदनगर में अचानक आग लगी थी। गगन चौधरी के घर समेत आधा दर्जन घरों को आग ने अपनी जद में ले लिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप ले लिया। इस बीच घर में गगन की 75 वर्षीया पत्नी शिवराजी थीं। आग का विकराल रूप देखकर शिवराजी बचने के लिए घर से बाहर की ओर भागीं, लेकिन निकलते समय आग की लपटों में फंस गईं और बुरी तरह झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई।
सात फरवरी 2023 को जिले में एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग लगने से गर्भवती महिला सहित दो साल की एक मासूम बच्ची की जलकर मौत हो गई थी। मीना व उसकी दो साल की मासूम बच्ची की जलकर मौत हो चुकी थी। 22 सितंबर 2019 को सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के लोहिया नगर वार्ड में शनिवार शाम छह बजे किशन आर्य (20) की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसकर मौत हो गई। वह चौक थाना क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर राजा के रहने वाले थे।