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2022 में अहमदाबाद से अगवा किशोर को 10 हजार में बेचा: मजदूरी करते मिले दो और नाबालिग; क्या है पूरा मामला?
Sun, 06 Sep 2026 08:52 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, अहमदाबाद।
पीटीआई, अहमदाबाद।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 06 Sep 2026 08:52 PM IST
सार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पंचमहल के नडिसार गांव से तीन नाबालिगों को बचाया है। इनमें एक किशोर 2022 में अहमदाबाद से लापता हुआ था और पुलिस के मुताबिक उसे 10 हजार रुपये में बेच दिया गया था। दो अन्य नाबालिग भी वहां खेती और मवेशी पालने का काम करते मिले। पुलिस ने मजदूर ठेकेदार दिनेश ओड और पशुपालक भरत भारवाड़ को गिरफ्तार किया है।
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अगवा किशोर मिला ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पंचमहल जिले के नडिसार गांव से तीन नाबालिग लड़कों को रेस्क्यू किया है। इनमें एक किशोर ऐसा है, जिसे 2022 में अहमदाबाद से अगवा किया गया था। पुलिस के मुताबिक, उसे कथित तौर पर 10 हजार रुपये में बेच दिया गया था। इसके बाद उससे मवेशी पालने और घरेलू काम कराए जा रहे थे। इसी जगह दो और नाबालिग भी मजदूरी करते मिले। उनकी उम्र 16 और 17 साल है। पुलिस ने इस मामले में एक मजदूर ठेकेदार और एक पशुपालक को गिरफ्तार किया है।
चार साल पहले अगवा हुआ किशोर कहां से गायब हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, मामला 2022 का है। तब 14 साल के एक लड़के के लापता होने पर उसकी मां ने अहमदाबाद के सोला थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। बच्चा शहर के हेबतपुर इलाके के पास रात में अकेला था। आरोप है कि इसी दौरान मजदूर ठेकेदार दिनेश ओड ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद उसे पंचमहल जिले के नडिसार गांव ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि वहां ओड ने किशोर को भरत भारवाड़ को 10 हजार रुपये में बेच दिया।
नाबालिग से किस तरह काम कराया जाता था?
सहायक पुलिस आयुक्त भारत पटेल के मुताबिक, भरत भारवाड़ ने किशोर को अपने मवेशी पालने के काम में लगा दिया था। उससे घरेलू काम भी कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, किशोर ने वहां से निकलने की दो बार कोशिश की। आरोप है कि हर बार उसे पकड़ लिया गया और बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद वह वहां रहने को मजबूर रहा।
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यह भी पढ़ें: गणेश उत्सव से पहले महाराष्ट्र में डीजे पर घमासान: मंत्री बोले- स्वास्थ्य से समझौता नहीं, क्या है पूरा मामला?
तीनों नाबालिगों को कैसे बचाया गया?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट लापता और अगवा बच्चों को तलाशने का अभियान चला रही है। इसी दौरान पुलिस को मानवीय सूचना के जरिए नडिसार गांव में आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां छापा मारकर तीनों नाबालिगों को बचाया। 16 और 17 साल के दोनों लड़कों को उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया है। इनमें एक नवा नडिसार गांव का रहने वाला है, जबकि दूसरा वडोदरा के छाणी इलाके का है। बरामद किशोर के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उसकी मां की मौत हो चुकी है। इसलिए उसे उसके चाचा के सुपुर्द किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए सोला पुलिस को सौंपा जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या?
पुलिस ने 47 वर्षीय दिनेश ओड और 35 वर्षीय भरत भारवाड़ को गिरफ्तार किया है। दिनेश ओड मजदूर ठेकेदार है, जबकि भरत भारवाड़ पशुपालन का काम करता है। दोनों पंचमहल जिले के नडिसार गांव के रहने वाले हैं। पुलिस अब पूरे मामले की आगे जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नाबालिगों को किस तरह काम पर लगाया गया था।
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चार साल पहले अगवा हुआ किशोर कहां से गायब हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, मामला 2022 का है। तब 14 साल के एक लड़के के लापता होने पर उसकी मां ने अहमदाबाद के सोला थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। बच्चा शहर के हेबतपुर इलाके के पास रात में अकेला था। आरोप है कि इसी दौरान मजदूर ठेकेदार दिनेश ओड ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद उसे पंचमहल जिले के नडिसार गांव ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि वहां ओड ने किशोर को भरत भारवाड़ को 10 हजार रुपये में बेच दिया।
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नाबालिग से किस तरह काम कराया जाता था?
सहायक पुलिस आयुक्त भारत पटेल के मुताबिक, भरत भारवाड़ ने किशोर को अपने मवेशी पालने के काम में लगा दिया था। उससे घरेलू काम भी कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, किशोर ने वहां से निकलने की दो बार कोशिश की। आरोप है कि हर बार उसे पकड़ लिया गया और बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद वह वहां रहने को मजबूर रहा।
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तीनों नाबालिगों को कैसे बचाया गया?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट लापता और अगवा बच्चों को तलाशने का अभियान चला रही है। इसी दौरान पुलिस को मानवीय सूचना के जरिए नडिसार गांव में आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां छापा मारकर तीनों नाबालिगों को बचाया। 16 और 17 साल के दोनों लड़कों को उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया है। इनमें एक नवा नडिसार गांव का रहने वाला है, जबकि दूसरा वडोदरा के छाणी इलाके का है। बरामद किशोर के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उसकी मां की मौत हो चुकी है। इसलिए उसे उसके चाचा के सुपुर्द किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए सोला पुलिस को सौंपा जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या?
पुलिस ने 47 वर्षीय दिनेश ओड और 35 वर्षीय भरत भारवाड़ को गिरफ्तार किया है। दिनेश ओड मजदूर ठेकेदार है, जबकि भरत भारवाड़ पशुपालन का काम करता है। दोनों पंचमहल जिले के नडिसार गांव के रहने वाले हैं। पुलिस अब पूरे मामले की आगे जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नाबालिगों को किस तरह काम पर लगाया गया था।