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जंगल में छोड़ दिया गया तेंदुआ
Sun, 16 Jun 2019 12:43 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:43 AM IST
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जंगल में छोड़ दिया गया तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। परसा मलिक थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव में पकड़ा गया तेंदुआ देईभार विश्राम गृह में रखा गया है। वह शुक्रवार की रात में कुछ नहीं खाया। पिंजडे़ में गुर्राता रहा। अगर कोई पास जाता था तो तेजी से गुर्राने लगता था। रात में उसने किसी तरह से जल ग्रहण किया। पिंजडे़ में वह पूरी रात बेचैन रहा। शनिवार को सुबह भी कुछ नहीं खाया। दोपहर बाद बकरे का दो किलो मांस उसे दिया गया। उसे खाने के बाद तेंदुए पानी पीया फिर कुछ देर तक शांत बैठा रहा। उसकी देखभाल में वनकर्मियों व पशु चिकित्सकों की टीम लगी है। शनिवार देर शाम उसे जंगल में छोडृ दिया गया।
शुक्रवार को पकडे़ जाने के बाद तेंदुआ सबसे पहले मधवलिया रेंज लाया गया। जहां तेंदुए को उमस भरी गर्मी से हांफते देख रेंजर जगरनाथ प्रसाद ने पानी पिलाने के बाद नहलाया। इसके बाद तेंदुए को गर्मी से राहत मिली तो वह दहाड़ें मारने लगा। डीएफओ के निर्देश पर शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे वनकर्मी तेंदुए को पिकअप से लेकर देईभार विश्राम गृह पहुंचे। बताया जाता है कि रात में तेंदुए के खाने के लिए मांस की तलाश की जाने लगी लेकिन देर रात हो जाने के कारण तेंदुए के लिए भोजन का इंतजाम नहीं हो सका। जिसके कारण तेंदुए को बिना भोजन किए केवल पानी के सहारे रात गुजारनी पड़ी। रेस्ट हाउस में भी तेंदुए को नहलाने व पानी पिलाने की जिम्मेदारी रेंजर ने खुद ले रखी थी। वहीं घायल तेंदुए के इलाज के लिए डॉ. योगेश, डॉ. संतोष को लगाया गया है। एसडीओ घनश्याम राय, रेंजर जगरनाथ प्रसाद, वन दरोगा अभिषेक सिंह, दिनेश तिवारी, फारेस्टर विजय बहादुर आदि भी उसकी देखरेख में लगे रहे। भोजन और पानी आराम से ग्रहण कर रहा है। शनिवार देर शाम उसे जंगल में छोडृ दिया गया। बेहतर ढंग से देखभाल की वजह से तेंदुआ जल्द ठीक हो गया। डीएफओ मनीष कुमार सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले में घायल योगेंद्र को 10 हजार रुपये आर्थिक मदद दी गई है।
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शुक्रवार को पकडे़ जाने के बाद तेंदुआ सबसे पहले मधवलिया रेंज लाया गया। जहां तेंदुए को उमस भरी गर्मी से हांफते देख रेंजर जगरनाथ प्रसाद ने पानी पिलाने के बाद नहलाया। इसके बाद तेंदुए को गर्मी से राहत मिली तो वह दहाड़ें मारने लगा। डीएफओ के निर्देश पर शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे वनकर्मी तेंदुए को पिकअप से लेकर देईभार विश्राम गृह पहुंचे। बताया जाता है कि रात में तेंदुए के खाने के लिए मांस की तलाश की जाने लगी लेकिन देर रात हो जाने के कारण तेंदुए के लिए भोजन का इंतजाम नहीं हो सका। जिसके कारण तेंदुए को बिना भोजन किए केवल पानी के सहारे रात गुजारनी पड़ी। रेस्ट हाउस में भी तेंदुए को नहलाने व पानी पिलाने की जिम्मेदारी रेंजर ने खुद ले रखी थी। वहीं घायल तेंदुए के इलाज के लिए डॉ. योगेश, डॉ. संतोष को लगाया गया है। एसडीओ घनश्याम राय, रेंजर जगरनाथ प्रसाद, वन दरोगा अभिषेक सिंह, दिनेश तिवारी, फारेस्टर विजय बहादुर आदि भी उसकी देखरेख में लगे रहे। भोजन और पानी आराम से ग्रहण कर रहा है। शनिवार देर शाम उसे जंगल में छोडृ दिया गया। बेहतर ढंग से देखभाल की वजह से तेंदुआ जल्द ठीक हो गया। डीएफओ मनीष कुमार सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले में घायल योगेंद्र को 10 हजार रुपये आर्थिक मदद दी गई है।
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