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स्ट्राबेरी की खेती कर किसान हो सकते हैं मालामाल
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स्ट्राबेरी की खेती कर किसान हो सकते हैं मालामाल
महराजगंज। उद्यान विभाग ने किसानों को परंपरागत खेती के साथ स्ट्राबेरी की खेती से जोड़ने की पहल की है। प्रायोगिक तौर पर जिले में पांच हेक्टेयर में स्ट्राबेरी की खेती कराई जाएगी। इससे किसानों की आय भी बेहतर होगी।
विभागीय जिम्मेदारों ने चार माह में उपज को देखते हुए लक्ष्मीपुर, नौतनवां, फरेंदा व सिसवां ब्लॉक में स्ट्राबेरी की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। किसान इस खेती के माध्यम से जहां स्थानीय स्तर पर बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे, वहीं भविष्य में इसकी व्यपाकता की भी संभावना रहेगी। यदि बार स्ट्राबेरी की खेती ने रफ्तार पकड़ ली तो किसानों को प्रति हेक्टेयर न्यूनतम एक से दो लाख रुपये की शुद्ध आय होने लगेगी। प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी विकास श्रीनेत ने बताया कि जिले में स्ट्राबेेरी की खेती को बढ़ावा देने को लेकर विभाग गंभीर है। प्रायोगिक तौर पर पांच हेक्टेयर में इसे कराया जाएगा। सफलता मिलने पर इसे और व्यापक रूप देने की पहल की जाएगी।
उद्यान विभाग की ओर से स्ट्राबेरी की खेती का लाभ चार ब्लॉकों के 30 से 35 किसानों को दिलाने का प्रयास होगा। चार ब्लॉकों में किसानों के चयन का कार्य पूरा कर लिया गया है। स्ट्राबेरी की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की दर से अनुदान देने की व्यवस्था बनाई गई है। अनुदान मिलने से किसानों का झुकाव स्ट्राबेरी के खेती की तरफ बना रहेगा।
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महराजगंज। उद्यान विभाग ने किसानों को परंपरागत खेती के साथ स्ट्राबेरी की खेती से जोड़ने की पहल की है। प्रायोगिक तौर पर जिले में पांच हेक्टेयर में स्ट्राबेरी की खेती कराई जाएगी। इससे किसानों की आय भी बेहतर होगी।
विभागीय जिम्मेदारों ने चार माह में उपज को देखते हुए लक्ष्मीपुर, नौतनवां, फरेंदा व सिसवां ब्लॉक में स्ट्राबेरी की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। किसान इस खेती के माध्यम से जहां स्थानीय स्तर पर बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे, वहीं भविष्य में इसकी व्यपाकता की भी संभावना रहेगी। यदि बार स्ट्राबेरी की खेती ने रफ्तार पकड़ ली तो किसानों को प्रति हेक्टेयर न्यूनतम एक से दो लाख रुपये की शुद्ध आय होने लगेगी। प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी विकास श्रीनेत ने बताया कि जिले में स्ट्राबेेरी की खेती को बढ़ावा देने को लेकर विभाग गंभीर है। प्रायोगिक तौर पर पांच हेक्टेयर में इसे कराया जाएगा। सफलता मिलने पर इसे और व्यापक रूप देने की पहल की जाएगी।
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उद्यान विभाग की ओर से स्ट्राबेरी की खेती का लाभ चार ब्लॉकों के 30 से 35 किसानों को दिलाने का प्रयास होगा। चार ब्लॉकों में किसानों के चयन का कार्य पूरा कर लिया गया है। स्ट्राबेरी की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की दर से अनुदान देने की व्यवस्था बनाई गई है। अनुदान मिलने से किसानों का झुकाव स्ट्राबेरी के खेती की तरफ बना रहेगा।
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