{"_id":"661988dd7666e7f0790745e5","slug":"if-there-is-a-burning-sensation-or-prickling-sensation-in-the-chest-then-do-not-ignore-it-by-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-119877-2024-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सीने में हो जलन और चुभन तो गैस समझकर न करें नजर अंदाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सीने में हो जलन और चुभन तो गैस समझकर न करें नजर अंदाज
Sat, 13 Apr 2024 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 13 Apr 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
फोटो
-कॉर्डियक अरेस्ट का तीन गुना खतरा,
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। यदि आप के सीने में जलन और सुई सी चुभन या हल्का दर्द है, तो इसे गैस समझकर नजर अंदाज न करें। लक्ष्ण के अनुसार कॉर्डियक अरेस्ट का खतरा तीन गुना है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात वरिष्ठ डॉ. उमेश चंद बताया कि ओपीडी में रोजाना आने वालों मरीजों में तीन से चार मरीज ऐसे हैं जो पहली बार दिखाने आ रहे हैं। इनके सीने में दर्द, भारीपन, चलने में सांस फूलने, रात में पसीना आने की परेशानी है। जांच में इनका बीपी बढ़ा मिला। इनमें अधिकतर की उम्र 40 से 50 वर्ष रही।
उनको दवा देने के साथ फिटनेस बेहतर करने के लिए कहा गया। इनमें ब्लॉकिंग संबंधी परेशानी मिली। एक बार कॉर्डियोलॉजिस्ट के पास भी जांच और इलाज कराने के लिए भेजा गया। मौसम बदलने के दौरान खानपान पर ध्यान नहीं देने वाले मरीजों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर बढ़ जाता है।
विज्ञापन
हृदय रोगियों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर अनियंत्रित होने से हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। शुक्रवार को ओपीडी में दो से तीन मरीज माइनर हार्ट अटैक के आए थे, जिन्होंने सीने में पिन सी सुभने, जलन होने और भारीपन की परेशानी को नजरअंदाज किया था। इसे गैस का दर्द समझ बैठे इससे दिक्कत बढ़ गई। ऐसे मामलों में इलाज में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
सलाह देते हुए कहा की सुबह हल्की धूप निकलने पर टहलें, सुबह छह बजे के बाद बिस्तर छोड़ दें। हृदयरोगी दवा बंद न करें। डॉक्टर को फॉलोअप में दिखाएं। हरी सब्जी, दाल, सलाद खाएं। शाम को हल्का भोजन करें। सीने में दर्द, चलने में सांस फूलने पर ईसीजी कराएं। तली-भूनी और चिकनाई वाले भीजन, मीठा खाने से बचें।
विज्ञापन
-कॉर्डियक अरेस्ट का तीन गुना खतरा,
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। यदि आप के सीने में जलन और सुई सी चुभन या हल्का दर्द है, तो इसे गैस समझकर नजर अंदाज न करें। लक्ष्ण के अनुसार कॉर्डियक अरेस्ट का खतरा तीन गुना है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात वरिष्ठ डॉ. उमेश चंद बताया कि ओपीडी में रोजाना आने वालों मरीजों में तीन से चार मरीज ऐसे हैं जो पहली बार दिखाने आ रहे हैं। इनके सीने में दर्द, भारीपन, चलने में सांस फूलने, रात में पसीना आने की परेशानी है। जांच में इनका बीपी बढ़ा मिला। इनमें अधिकतर की उम्र 40 से 50 वर्ष रही।
विज्ञापन
उनको दवा देने के साथ फिटनेस बेहतर करने के लिए कहा गया। इनमें ब्लॉकिंग संबंधी परेशानी मिली। एक बार कॉर्डियोलॉजिस्ट के पास भी जांच और इलाज कराने के लिए भेजा गया। मौसम बदलने के दौरान खानपान पर ध्यान नहीं देने वाले मरीजों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर बढ़ जाता है।
विज्ञापन
हृदय रोगियों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर अनियंत्रित होने से हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। शुक्रवार को ओपीडी में दो से तीन मरीज माइनर हार्ट अटैक के आए थे, जिन्होंने सीने में पिन सी सुभने, जलन होने और भारीपन की परेशानी को नजरअंदाज किया था। इसे गैस का दर्द समझ बैठे इससे दिक्कत बढ़ गई। ऐसे मामलों में इलाज में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
सलाह देते हुए कहा की सुबह हल्की धूप निकलने पर टहलें, सुबह छह बजे के बाद बिस्तर छोड़ दें। हृदयरोगी दवा बंद न करें। डॉक्टर को फॉलोअप में दिखाएं। हरी सब्जी, दाल, सलाद खाएं। शाम को हल्का भोजन करें। सीने में दर्द, चलने में सांस फूलने पर ईसीजी कराएं। तली-भूनी और चिकनाई वाले भीजन, मीठा खाने से बचें।