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Maharajganj News: ओवरलोड के नाम पर नेपाल में भारतीय चालकों का उत्पीड़न

Tue, 27 May 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 27 May 2025 01:08 AM IST
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Harassment of Indian drivers in Nepal in the name of overloading
सोनौली। नेपाल रूपनदेही जिले में ओवरलोड के नाम पर भारतीय ट्रक चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसको लेकर नेपाल वाणिज्य संघ और भंसार एजेंट एसोसिएशन ने डीएम रूपनदेही से मिलकर इसकी शिकायत की है।
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ट्रक चालकों का कहना है कि वह भारत के मानक के अनुसार माल लोड किए हैं, जबकि नेपाल यातायात पुलिस उक्त वजन पर 10 हजार का जुर्माना लगा रही है। जबकि पहले 930 रुपये जुर्माना लगाया जाता था। इस संबंध में भंसार एसोसिएशन ने भैरहवा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगपतियों एवं व्यावसायियों से प्राप्त शिकायतों की ओर गंभीरता से ध्यान आकृष्ट कराया है।
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वाणिज्य संघ भैरहवा के महासचिव एवं एजेंट संघ के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद धिमिरे ने बताया कि भारत से आयातित औद्योगिक कच्चे माल एवं खाद्यान्न सहित अन्य सामान ले जाने वाले भारतीय वाहनों को पिछले कुछ दिनों से ओवरलोडिंग के नाम पर कस्टम नाके पर रोका जा रहा है। इस सीमा ने अतीत में कठिन परिस्थितियों के दौरान भी निर्बाध आपूर्ति व्यवस्था को सुगम बनाकर स्वयं को देश की प्रमुख व्यापार सीमा के रूप में स्थापित किया है।
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उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल को अधिक माल लदान के कारण सीमा शुल्क चौकियों पर रोक देने तथा श्रमिकों और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण माल को लौटा देने की वर्तमान नीति उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए बहुत अव्यवहारिक प्रतीत होती है। इस मौके पर महासंघ अध्यक्ष प्राचीन थेव, डॉ. शांत कुमार शर्मा, अध्यक्ष मधु प्रसाद पंथी, महासचिव विष्णु प्रसाद भुसाल, कोषाध्यक्ष प्रकाश पॉडेल मौजूद रहे।

नेपाल के लिए माल नहीं लोड करने का निर्णय
ट्रक चालक कल्याण समिति के अध्यक्ष पप्पू खान ने बताया कि नेपाल यातायात पुलिस भारतीय ट्रक चालकों का उत्पीड़न कर रही है। नेपाल परिवहन से संबंधित मौजूदा कानूनों के अनुसार, 6-पहिया ट्रक 11 टन, 10-पहिया ट्रक 17 टन, 12-पहिया ट्रक 21 टन, 14-पहिया ट्रक 25 टन और 18-पहिया ट्रक 27, 22 पहिया 33 टन से अधिक वजन नहीं ले जा सकते हैं। जबकि भारत में 16, 21, 28, 34 और 42 टन अंडरलोड माना जाता है। इसके कारण जो गाड़ियां भारत में अंडर लोड चलती हैं वह नेपाल पहुंचकर ओवरलोड हो जाती हैं। ऐसे में भारतीय ट्रकों को रोकना गलत है।
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