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Maharajganj News: वीजा के नाम पर पांच लाख रुपये की ठगी, केस

Mon, 18 Aug 2025 02:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 02:01 AM IST
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Fraud of five lakh rupees in the name of visa, case
भिटौली। घुघली थाना क्षेत्र के मंगलपुर पटखौली निवासी सुनील चौहान और उनके तीन साथियों के साथ टूरिस्ट वीजा के नाम पर पांच लाख 24 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने स्थानीय थाना क्षेत्र के हरखपुरा निवासी मंजेश यादव और उनके साथियों पर आरोप लगाया है।
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सुनील चौहान ने पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर में बताया कि मंजेश यादव, रविंद्र यादव, कमलेश यादव, किरन और तीन अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें और उनके साथियों को विदेश में नौकरी का झांसा देकर ठग लिया। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सुनील चौहान ने अपनी तहरीर में बताया कि बीते मई में मंजेश यादव और उनके साथी रविंद्र यादव ने उनसे मुलाकात की और विदेश में अच्छी नौकरी दिलवाने का वादा किया। मंजेश ने दावा किया कि वह मलेशिया में मजदूरी का वीजा दिलवाकर उन्हें वहां अच्छा काम दिलवाएंगे। उनके झांसे में आकर सुनील और उनके बहनोई ने शुरुआत में 50-50 हजार रुपये की दो किस्तों में कुल एक लाख रुपये मंजेश को दिए। इसके बाद तीन जून को 99 हजार रुपये, 13 जून को 97 हजार रुपये और फिर दो लाख रुपये नकद के रूप में दिए गए। कुल मिलाकर सुनील और उनके साथियों ने पांच लाख 24 हजार रुपये का भुगतान किया।
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पैसे लेने के बाद आरोपियों ने एक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए और सुनील व उनके तीन साथियों गोबरी, बलराम और संदीप को मलेशिया का टूरिस्ट वीजा थमा दिया। यह वीजा मात्र आठ दिन की वैधता वाला था, लेकिन पीड़ितों को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्हें बताया गया कि यह मजदूरी का वीजा है और मलेशिया पहुंचने के बाद उन्हें काम मिल जाएगा। सुनील और उनके साथियों को इस भरोसे के साथ मलेशिया भेज दिया गया।
मलेशिया पहुंचने के बाद पीड़ितों को वहां आठ दिन तक इंतजार करने को कहा गया। उन्हें बताया गया कि इस अवधि के बाद काम शुरू हो जाएगा। इस दौरान उन्हें एक निश्चित जगह पर रखा गया और घुमाया-फिराया गया। हालांकि आठ दिन बीतने के बाद एजेंटों ने साफ कर दिया कि उनके पास टूरिस्ट वीजा है, न कि मजदूरी का वीजा। पीड़ितों ने काम दिलवाने के लिए निवेदन किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार, 18 दिन बाद उन्हें खाली हाथ भारत लौटना पड़ा।

वापसी के दौरान भी ठगों ने पीड़ितों को नहीं बख्शा। पासपोर्ट वापस करने के नाम पर उनसे 28 हजार रुपये और ऐंठ लिए गए। भारत लौटने के बाद जब सुनील और उनके साथी मंजेश यादव के घर हरखपुरा गए तो वह वहां नहीं मिला। उसका भाई कमलेश मौके पर था, जिसे पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई। घुघली थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी मंजेश यादव, कमलेश यादव, रविंद्र यादव, किरन और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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