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Maharajganj News: जमीन बैनामे में रुकेगा फर्जीवाड़ा... आधार से लिंक होगा सॉफ्टवेयर
Wed, 02 Oct 2024 04:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 02 Oct 2024 04:36 AM IST
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रजिस्ट्री कार्यालय सदर में लोगों की भीड़।
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महराजगंज। आने वाले दिनों में जमीन की रजिस्ट्री करने में फर्जीवाड़े पर अंकुश लग जाएगा। रजिस्ट्री विभाग के सॉफ्टवेयर को आधार से लिंक किया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए नियम से जमीन की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी होने की आशंका कम रहेगी।
जानकारी के अनुसार, जमीनों का कारोबार करोड़ों में होता है। सॉफ्टवेयर के आधार से लिंक होने के बाद लोगों की बेनामी संपत्ति का पता आसानी से चल सकेगा। जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए क्रेता और विक्रेता की आईडी प्रूफ के तौर पर आधार कार्ड की फोटो कापी ली जाती है। आधार कार्ड की कापी जमा की जाती है।
आधार कार्ड की फोटो कापी में हेराफेरी की संभावना के कारण अब राजस्व अभिलेख में आधार लिंक कराने की कार्य योजना को अमल में लाने की तैयारी चल रही है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़ा पर प्रभावी रोक लग सकेगी। आधार नंबर लिंक होने से एक जमीन को कई लोगों को बेच कर निबंधन कराने की धोखाधड़ी भी बंद हो सकेगी।
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पिछले महीने में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार रेवेन्यू हुआ कम
उप निबंधन कार्यालय सदर का सितंबर माह का निर्धारण राजस्व लक्ष्य छह करोड़ 78 लाख रुपये था। इसके सापेक्ष कार्यालय ने पांच करोड़ रुपये के करीब राजस्व अर्जित किया है। रजिस्ट्री कार्यालय में रोजाना करीब 40 की संख्या में रजिस्ट्री होती है। सितंबर माह में पितृ विसर्जन के कारण रजिस्ट्री की संख्या 20 हो गई थी। इससे सितंबर माह में रेवेन्यू कम हुआ है। पिछले महीने में सदर रजिस्ट्री कार्यालय का छह करोड़ 78 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष पिछले महीने में करीब 10 प्रतिशत रेवेन्यू कम हो गया है।
आधार नंबर डालने पर साइट खुल जाएगा
रजिस्ट्री कार्यालय के साफ्टवेयर में आधार आईडी लिंक होगा। साफ्टवेयर में हर व्यक्ति का डाटा फीडिंग होगा। बायोमेट्रिक करने में सुविधा रहेगी। रजिस्ट्री के दौरान बायोमेट्रिक मशीन में क्रेता और विक्रेताओं के अंगूठे की छाप ली जाएगी। आधार नंबर डालते ही साइट खुल जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि कौन किसको वास्तविकता में रजिस्ट्री करने आया है। इसमें यह भी पता चल जाएगा किस व्यक्ति के पास कितनी संपत्ति बची है। हर व्यक्ति के संपत्ति का ब्यौरा भी साफ्टवेयर में आधार के जरिए लिंक रहेगा।
सिर्फ सत्यापन के लिए आना पड़ेगा
आने वाले दिनों में सभी व्यवस्था पूरी होने पर घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साफ्टवेयर में जमीन से संबंधित अभिलेख ऑनलाइन अपलोड कराने की सुविधा होगी। बाद में सत्यापन के लिए कार्यालय आना पडे़गा। प्रत्येक दिन करीब 30 से 40 बैनामा होता है।
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जानकारी के अनुसार, जमीनों का कारोबार करोड़ों में होता है। सॉफ्टवेयर के आधार से लिंक होने के बाद लोगों की बेनामी संपत्ति का पता आसानी से चल सकेगा। जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए क्रेता और विक्रेता की आईडी प्रूफ के तौर पर आधार कार्ड की फोटो कापी ली जाती है। आधार कार्ड की कापी जमा की जाती है।
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आधार कार्ड की फोटो कापी में हेराफेरी की संभावना के कारण अब राजस्व अभिलेख में आधार लिंक कराने की कार्य योजना को अमल में लाने की तैयारी चल रही है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़ा पर प्रभावी रोक लग सकेगी। आधार नंबर लिंक होने से एक जमीन को कई लोगों को बेच कर निबंधन कराने की धोखाधड़ी भी बंद हो सकेगी।
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पिछले महीने में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार रेवेन्यू हुआ कम
उप निबंधन कार्यालय सदर का सितंबर माह का निर्धारण राजस्व लक्ष्य छह करोड़ 78 लाख रुपये था। इसके सापेक्ष कार्यालय ने पांच करोड़ रुपये के करीब राजस्व अर्जित किया है। रजिस्ट्री कार्यालय में रोजाना करीब 40 की संख्या में रजिस्ट्री होती है। सितंबर माह में पितृ विसर्जन के कारण रजिस्ट्री की संख्या 20 हो गई थी। इससे सितंबर माह में रेवेन्यू कम हुआ है। पिछले महीने में सदर रजिस्ट्री कार्यालय का छह करोड़ 78 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष पिछले महीने में करीब 10 प्रतिशत रेवेन्यू कम हो गया है।
आधार नंबर डालने पर साइट खुल जाएगा
रजिस्ट्री कार्यालय के साफ्टवेयर में आधार आईडी लिंक होगा। साफ्टवेयर में हर व्यक्ति का डाटा फीडिंग होगा। बायोमेट्रिक करने में सुविधा रहेगी। रजिस्ट्री के दौरान बायोमेट्रिक मशीन में क्रेता और विक्रेताओं के अंगूठे की छाप ली जाएगी। आधार नंबर डालते ही साइट खुल जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि कौन किसको वास्तविकता में रजिस्ट्री करने आया है। इसमें यह भी पता चल जाएगा किस व्यक्ति के पास कितनी संपत्ति बची है। हर व्यक्ति के संपत्ति का ब्यौरा भी साफ्टवेयर में आधार के जरिए लिंक रहेगा।
सिर्फ सत्यापन के लिए आना पड़ेगा
आने वाले दिनों में सभी व्यवस्था पूरी होने पर घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साफ्टवेयर में जमीन से संबंधित अभिलेख ऑनलाइन अपलोड कराने की सुविधा होगी। बाद में सत्यापन के लिए कार्यालय आना पडे़गा। प्रत्येक दिन करीब 30 से 40 बैनामा होता है।