फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Flood shelters in poor condition; villagers to seek refuge in CHC during a crisis.

Maharajganj News: बाढ़ आश्रय स्थल बदहाल, आफत आने पर सीएचसी में शरण लेंगे ग्रामीण

Sat, 29 Aug 2026 02:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 02:08 AM IST
विज्ञापन
Flood shelters in poor condition; villagers to seek refuge in CHC during a crisis.
सोहगीबरवा में बदहाल पड़ा बाढ़ आश्रय स्थल।
प्रशासन का दावा- बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी, रोहुआ नाला पर पांच नाव तैनात
विज्ञापन

सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा में बाढ़ का अलर्ट
बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे डीएम-एसपी के सामने ग्रामीणों ने लगाई समस्याओं की झड़ी

निचलौल। नेपाल के भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के बाद तराई क्षेत्र के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा गांवों में बाढ़ को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यहां बाढ़ से बचाव के लिए बनाया गया आश्रय स्थल बदहाल है। पेयजल और सुलभ शौचालय समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। आपात स्थिति में लोगों को सीएचसी परिसर में शरण लेना होगा।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में बनाया गया बाढ़ आश्रय स्थल वर्तमान में किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को ठहराने के लिहाज से ठीक नहीं है। भवन और परिसर की स्थिति अव्यवस्थित है। पेयजल और सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ से पहले एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी हैं और गांव के विद्यालय में ठहरी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होती है। चारों तरफ पानी और जंगल से घिरे इस क्षेत्र में बरसात के दिनों में आवागमन के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं।
विज्ञापन

सोहगीबरवा सीएचसी में एक महिला डॉक्टर और तीन एएनएम के भरोसे करीब 15 हजार की आबादी का इलाज किया जा रहा है। जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि सोहगीबरवा में हाई अलर्ट जारी होने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कर लिए गए हैं। पूर्व में बनाए गए बाढ़ आश्रय स्थल में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने की स्थिति को देखते हुए सीएचसी भवन को खाली रखा गया है। जरूरत पड़ने पर वहां ग्रामीणों को ठहराने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। रोहुआ नाला सबसे अधिक दिक्कत वाला स्थान है। यहां प्रशासन की ओर से पांच नाव तैनात कर दी गई हैं। फिलहाल गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति को लेकर कोई नया खतरा सामने नहीं आया है। शुक्रवार दोपहर तक गंडक बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना थी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डीएम व एसपी के सामने लगाई समस्याओं की झड़ी
शुक्रवार को बाढ़ की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे डीएम और एसपी के सामने ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं की झड़ी लगा दी। सचिवालय परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने पेंशन, आवास और शौचालय की मांग रखी। सबसे अधिक शिकायत बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने और बेहतर सड़क उपलब्ध कराने को लेकर रही। डीएम ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
करीब 500 आवासों का निर्माण कराए जाने के बावजूद क्षेत्र की जमीनी तस्वीर अलग है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर ग्रामीणों के पास स्वयं की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोग प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्था पर ही निर्भर रहने को मजबूर हैं।



तीन गांवों में 1,828 राशन कार्डधारक

बाढ़ के दौरान खाद्यान्न की उपलब्धता को लेकर भी प्रशासन ने बेहतर तैयारी का दावा किया है। सोहगीबरवा में 1,122 पात्र गृहस्थी और 281 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं। शिकारपुर में 181 पात्र गृहस्थी और 42 अंत्योदय जबकि भोथहा में 154 पात्र गृहस्थी और 48 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं। इस तरह तीनों गांवों में कुल 1,828 राशन कार्डधारक हैं। आपूर्ति निरीक्षक इंद्रभान ने बताया कि बाढ़ के मद्देनजर राशन की व्यवस्था कर ली गई है। सभी कार्डधारकों के लिए खाद्यान्न सुरक्षित रखवा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed