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Maharajganj News: खुदाई में मिले मृदभांड के बर्तन
Sat, 25 Feb 2023 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 25 Feb 2023 12:37 AM IST
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बनरसिहा कला के राजमहल के उत्खनन से मिले मृदभाण्ड अवशेष को दिखाते पुरातत्व उत्खनन अधिवेक्षण अधिक
फोटो बनर्सिहा कला देवदह गौतम बुद्ध के ननिहाल में हो रहा उत्खनन
चार दिन खुदाई के बाद ही पता चलेगी यहां की सभ्यता
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीपुर। क्षेत्र के बनर्सिहा कला देवदह गौतम बुद्ध के ननिहाल में उत्खनन के दूसरे दिन शुक्रवार को अधिक संख्या में मृदभांड के बर्तन मिले हैं। पुरातत्व टीम को उम्मीद है कि यह खंडित मृदभांड बौद्ध कालीन हो सकते हैं। विभागीय टीम संरक्षित करते हुए जांच में जुट गई है। राज्य उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी रामविनय ने बताया कि तीन चार दिन के उत्खनन करने के बाद ही यह पता लग पाएगा कि यहां प्राचीन काल में निवास करने वाली सभ्यता कितनी पुरानी है। प्रथम लेयर की मिट्टी हटने के बाद पता चल सकेगा। लगभग 1200 एमएम मिट्टी हटने के बाद ही कुछ इतिहास स्पष्ट हो पाएगा। विभागीय फोटो ग्राफर राजीव रंजन ने बताया कि प्रथम लेयर के उत्खनन में जो भी मृदभांड मिल रहे हैं, उससे यह उम्मीद की जा रही है कि शुंग कालीन सभ्यता यहां मौजूद रही है।
यहां एक बौद्ध मठ रहा होगा
देवदह में उत्खनन विभाग द्वारा खुदाई की खबर से सबकी निगाहें यहां के इतिहास पर टिकी है। वहीं राजमहल के खुदाई को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है। पुरातत्व टीम ने बताया कि प्रथम सोपान की खुदाई में जो ढांचा मिल रहा है, उससे यह पता चलता है कि यहां एक बौद्ध मठ रहा होगा।
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मोमबत्ती के सहारे रात बिता रही टीम
लक्ष्मीपुर क्षेत्र के बनर्सिहा कला में महाशिवरात्रि से कैंप कर रही टीम को अंधेरे में रात गुजारना पड़ रहा है। टीम के सदस्यों को दिक्कते हो रही हैं। मुडली विद्युत सब स्टेशन पर अवगत कराकर दो बल्ब जलाने के लिए विद्युत आपूर्ति मांगी थी। उत्खनन की सूचना होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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चार दिन खुदाई के बाद ही पता चलेगी यहां की सभ्यता
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीपुर। क्षेत्र के बनर्सिहा कला देवदह गौतम बुद्ध के ननिहाल में उत्खनन के दूसरे दिन शुक्रवार को अधिक संख्या में मृदभांड के बर्तन मिले हैं। पुरातत्व टीम को उम्मीद है कि यह खंडित मृदभांड बौद्ध कालीन हो सकते हैं। विभागीय टीम संरक्षित करते हुए जांच में जुट गई है। राज्य उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी रामविनय ने बताया कि तीन चार दिन के उत्खनन करने के बाद ही यह पता लग पाएगा कि यहां प्राचीन काल में निवास करने वाली सभ्यता कितनी पुरानी है। प्रथम लेयर की मिट्टी हटने के बाद पता चल सकेगा। लगभग 1200 एमएम मिट्टी हटने के बाद ही कुछ इतिहास स्पष्ट हो पाएगा। विभागीय फोटो ग्राफर राजीव रंजन ने बताया कि प्रथम लेयर के उत्खनन में जो भी मृदभांड मिल रहे हैं, उससे यह उम्मीद की जा रही है कि शुंग कालीन सभ्यता यहां मौजूद रही है।
यहां एक बौद्ध मठ रहा होगा
देवदह में उत्खनन विभाग द्वारा खुदाई की खबर से सबकी निगाहें यहां के इतिहास पर टिकी है। वहीं राजमहल के खुदाई को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है। पुरातत्व टीम ने बताया कि प्रथम सोपान की खुदाई में जो ढांचा मिल रहा है, उससे यह पता चलता है कि यहां एक बौद्ध मठ रहा होगा।
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मोमबत्ती के सहारे रात बिता रही टीम
लक्ष्मीपुर क्षेत्र के बनर्सिहा कला में महाशिवरात्रि से कैंप कर रही टीम को अंधेरे में रात गुजारना पड़ रहा है। टीम के सदस्यों को दिक्कते हो रही हैं। मुडली विद्युत सब स्टेशन पर अवगत कराकर दो बल्ब जलाने के लिए विद्युत आपूर्ति मांगी थी। उत्खनन की सूचना होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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