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पार्टी छोड़ते ही आरोपों से घिरे जिला पंचायत अध्यक्ष
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पार्टी छोड़ते ही आरोपों से घिरे जिला पंचायत अध्यक्ष
खुलने लगी खामियों की पोल, सियासी गलियारे में राजनीतिक हलचल बढ़ी
संजय कुमार पांडेय
महराजगंज। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल की मुश्किलें अब बढ़ रही हैं। उन्होंने पहले पार्टी छोड़ी तो चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ। अब उनके वित्तीय अधिकार सीज होने के कारण मामला सुर्खियों में है। कार्यकाल के अंतिम दौर में उनकी दुश्वारियां बढ़ रही हैं। यही नहीं गंभीर आरोपों की बुनियाद पर उन्हें घेरने के कयास लगाए जा रहे हैं। सियासी गलियारे में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
27 अक्तूबर को लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव के सामने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभु दयाल चौहान ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वे सिसवां क्षेत्र के रामपुर खुर्द गांव के विशुनपुरा टोला के रहने वाले हैं। प्रभु दयाल चौहान वार्ड संख्या 47 से जिला पंचायत सदस्य हैं। गुजरे वक्त में यह सांसद पंकज चौधरी के बेहद करीबी माने जाते थे, लेकिन विचारों में मतभेद हुआ तो रिश्तों में दरार आ गई और भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए। इधर पावर सीज होने के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब कार्यकाल का अंतिम दौर है। राजनीतिक विश्लेषक यह कयास लगा रहे हैं कि अब जिला पंचायत में खामियों की पोल परत दर परत खुलने वाली है। टेंडर से लेकर अन्य कार्यों में अब खामियों पर नजर दौड़ाई जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत भी उनके करीबी ने ही की।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकार सीज किया जाना शासन सत्ता का खुला दुरुपयोग है। जिला पंचायत एक ही व्यक्ति की मुठ्ठी में कैद होकर रह गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने अधिकार का प्रयोग किया तो बौखलाहट बढ़ गई।
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सपा के पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने कोई वित्तीय अनियमितता की है तो जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को भी निलंबित किया जाना चाहिए। पूरे प्रकरण की यदि जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार उजागर होगा।
कार्यकाल के अंतिम दौर में ऐसी बाते सामने आना ठीक नहीं है। आखिर शुरुआत में गड़बड़ी हुई तो क्यों शिकायत नहीं हुई। पार्टी छोड़ने के बाद से ऐसा कार्य होना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है। जिला पंचायत अध्यक्ष व्यवस्था से असंतुष्ट हुए तो अपना रास्ता बनाने की कोशिश की। ऐसा लगा रहा है कि पूर्व नियोजित ढंग से परेशान करने की कोशिश हो रही है। पर्दे के पीछे खेल सुनियोजित ढंग से हो रहा है। अच्छे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह शुभ संकेत नहीं है।
डॉ. घनश्याम शर्मा, पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान
जिला पंचायत अध्यक्ष पर कार्रवाई आधारहीन है : नरसिंह
जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पांडेय ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पर हुई कार्रवाई आधारहीन है। इसके साथ ही जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। इसके शामिल अधिकारियों की जांच भी होनी जरूरी है। तीन सदस्यी कमेटी गठन में सभी सदस्यों की सहमति नहीं ली गई। इसके अलावा बोर्ड की बैठक भी नहीं हुई। मनमाने ढंग से कमेटी गठित कर सदस्यों का अपमान किया गया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वर्ष 1995 से कार्यों की जांच ईमानदारी से हो : प्रभुदयाल
सपा कार्यालय पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल चौहान ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा कि जब तक भाजपा में था तो ईमानदार था। सपा में आते ही बेइमान कैसे हो गया। यदि मेरे द्वारा भ्रष्टाचार किया गया तो इतने दिन शिकायत करने वाले आखिर चुप क्यों रहे। कार्यकाल के अंतिम दौर में बेबुनियाद बातें कर जनता में मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वर्ष 1995 से हुए कार्यों की जांच हो तो भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी। सपा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला।
जांच के बाद सच्चाई पता चलेगी
पूरे प्रकरण की जांच के बाद सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। भारतीय जनता पार्टी सिद्धांत की राजनीति करती है। यहां एक छोटे कार्यकर्ता को भी बड़े पद पर जाने का मौका मिलता है। यही कारण है कि प्रभु दयाल चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष बने। बेवजह की बात कर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। महत्वाकांक्षा में किसी को अपनी नैतिकता नहीं भूलनी चाहिए।
परदेशी रविदास, जिलाध्यक्ष भाजपा
कार्यालय में कमेटी ने ग्रहण किया कार्यभार
महराजगंज। जिला पंचायत के कार्यों को संचालित करने के लिए शासन की ओर से नामित सदस्य मीरा सिंह, पवन यादव, पुष्पा देवी ने बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। सभी सदस्यों ने कहा कि शासन से मिले निर्देश का पालन किया जाएगा। यह जानकारी अपर मुख्य अधिकारी राम निहोर प्रसाद ने दी। उन्होंने कहा कि कार्यों के संचालन के लिए शासन की ओर से यह कदम उठाया गया है।
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खुलने लगी खामियों की पोल, सियासी गलियारे में राजनीतिक हलचल बढ़ी
संजय कुमार पांडेय
महराजगंज। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल की मुश्किलें अब बढ़ रही हैं। उन्होंने पहले पार्टी छोड़ी तो चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ। अब उनके वित्तीय अधिकार सीज होने के कारण मामला सुर्खियों में है। कार्यकाल के अंतिम दौर में उनकी दुश्वारियां बढ़ रही हैं। यही नहीं गंभीर आरोपों की बुनियाद पर उन्हें घेरने के कयास लगाए जा रहे हैं। सियासी गलियारे में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
27 अक्तूबर को लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव के सामने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभु दयाल चौहान ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वे सिसवां क्षेत्र के रामपुर खुर्द गांव के विशुनपुरा टोला के रहने वाले हैं। प्रभु दयाल चौहान वार्ड संख्या 47 से जिला पंचायत सदस्य हैं। गुजरे वक्त में यह सांसद पंकज चौधरी के बेहद करीबी माने जाते थे, लेकिन विचारों में मतभेद हुआ तो रिश्तों में दरार आ गई और भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए। इधर पावर सीज होने के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब कार्यकाल का अंतिम दौर है। राजनीतिक विश्लेषक यह कयास लगा रहे हैं कि अब जिला पंचायत में खामियों की पोल परत दर परत खुलने वाली है। टेंडर से लेकर अन्य कार्यों में अब खामियों पर नजर दौड़ाई जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत भी उनके करीबी ने ही की।
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सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकार सीज किया जाना शासन सत्ता का खुला दुरुपयोग है। जिला पंचायत एक ही व्यक्ति की मुठ्ठी में कैद होकर रह गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने अधिकार का प्रयोग किया तो बौखलाहट बढ़ गई।
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सपा के पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने कोई वित्तीय अनियमितता की है तो जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को भी निलंबित किया जाना चाहिए। पूरे प्रकरण की यदि जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार उजागर होगा।
कार्यकाल के अंतिम दौर में ऐसी बाते सामने आना ठीक नहीं है। आखिर शुरुआत में गड़बड़ी हुई तो क्यों शिकायत नहीं हुई। पार्टी छोड़ने के बाद से ऐसा कार्य होना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है। जिला पंचायत अध्यक्ष व्यवस्था से असंतुष्ट हुए तो अपना रास्ता बनाने की कोशिश की। ऐसा लगा रहा है कि पूर्व नियोजित ढंग से परेशान करने की कोशिश हो रही है। पर्दे के पीछे खेल सुनियोजित ढंग से हो रहा है। अच्छे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह शुभ संकेत नहीं है।
डॉ. घनश्याम शर्मा, पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान
जिला पंचायत अध्यक्ष पर कार्रवाई आधारहीन है : नरसिंह
जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पांडेय ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पर हुई कार्रवाई आधारहीन है। इसके साथ ही जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। इसके शामिल अधिकारियों की जांच भी होनी जरूरी है। तीन सदस्यी कमेटी गठन में सभी सदस्यों की सहमति नहीं ली गई। इसके अलावा बोर्ड की बैठक भी नहीं हुई। मनमाने ढंग से कमेटी गठित कर सदस्यों का अपमान किया गया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वर्ष 1995 से कार्यों की जांच ईमानदारी से हो : प्रभुदयाल
सपा कार्यालय पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल चौहान ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा कि जब तक भाजपा में था तो ईमानदार था। सपा में आते ही बेइमान कैसे हो गया। यदि मेरे द्वारा भ्रष्टाचार किया गया तो इतने दिन शिकायत करने वाले आखिर चुप क्यों रहे। कार्यकाल के अंतिम दौर में बेबुनियाद बातें कर जनता में मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वर्ष 1995 से हुए कार्यों की जांच हो तो भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी। सपा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला।
जांच के बाद सच्चाई पता चलेगी
पूरे प्रकरण की जांच के बाद सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। भारतीय जनता पार्टी सिद्धांत की राजनीति करती है। यहां एक छोटे कार्यकर्ता को भी बड़े पद पर जाने का मौका मिलता है। यही कारण है कि प्रभु दयाल चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष बने। बेवजह की बात कर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। महत्वाकांक्षा में किसी को अपनी नैतिकता नहीं भूलनी चाहिए।
परदेशी रविदास, जिलाध्यक्ष भाजपा
कार्यालय में कमेटी ने ग्रहण किया कार्यभार
महराजगंज। जिला पंचायत के कार्यों को संचालित करने के लिए शासन की ओर से नामित सदस्य मीरा सिंह, पवन यादव, पुष्पा देवी ने बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। सभी सदस्यों ने कहा कि शासन से मिले निर्देश का पालन किया जाएगा। यह जानकारी अपर मुख्य अधिकारी राम निहोर प्रसाद ने दी। उन्होंने कहा कि कार्यों के संचालन के लिए शासन की ओर से यह कदम उठाया गया है।