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रेलवे लाइन के किनारे मिला युवक का शव
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रेलवे लाइन के किनारे मिला युवक का शव
परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, एसपी ने मौके का लिया जायजा
फरेंदा (महराजगंज)। बनकटी गांव के टोला केवटलिया के पास रेलवे लाइन के किनारे युवक का शव मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। सूचना के बाद एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फरेंदा थानाक्षेत्र के केवटलिया निवासी 30 वर्षीय रिंकू बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे शौच की बात कहते हुए घर से निकला। पूरी रात घर नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह गांव के कुछ लोग रेलवे लाइन के किनारे घूमने गए तो युवक की लाश देखकर शोर मचाने लगे। शोर को सुनकर रिंकू के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव को देखकर दहाड़े मार कर रोने लगे। युवक के चेहरे व सिर पर चोट के निशान थे। दोनो हाथों में रस्सी से बांधने के निशान थे। सूचना पाकर एसपी प्रदीप गुप्ता, सीओ सुनील दत्त दूबे, क्राइम ब्रांच के शशांक शेखर राय, आशुतोष सिंह सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी गई। मृतक के दो बच्चे हैं, पिता की मौत पहले हो चुकी है। पत्नी व मां का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है।
सीओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से दुर्घटना का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। पुलिस हत्या व दुर्घटना दोनों पहलू पर जांच कर रही है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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पेरोल पर रिहा चल रहा था रिंकू
फरेंदा। केवटलिया निवासी रिंकू वन अधिनियम के तहत मार्च में जेल गया था। कोरोना काल के दौरान पेरोल पर रिहा किया गया था। परिजनों के मुताबिक कुछ दिन में फिर जेल जाने वाला था। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।
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परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, एसपी ने मौके का लिया जायजा
फरेंदा (महराजगंज)। बनकटी गांव के टोला केवटलिया के पास रेलवे लाइन के किनारे युवक का शव मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। सूचना के बाद एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फरेंदा थानाक्षेत्र के केवटलिया निवासी 30 वर्षीय रिंकू बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे शौच की बात कहते हुए घर से निकला। पूरी रात घर नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह गांव के कुछ लोग रेलवे लाइन के किनारे घूमने गए तो युवक की लाश देखकर शोर मचाने लगे। शोर को सुनकर रिंकू के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव को देखकर दहाड़े मार कर रोने लगे। युवक के चेहरे व सिर पर चोट के निशान थे। दोनो हाथों में रस्सी से बांधने के निशान थे। सूचना पाकर एसपी प्रदीप गुप्ता, सीओ सुनील दत्त दूबे, क्राइम ब्रांच के शशांक शेखर राय, आशुतोष सिंह सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी गई। मृतक के दो बच्चे हैं, पिता की मौत पहले हो चुकी है। पत्नी व मां का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है।
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सीओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से दुर्घटना का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। पुलिस हत्या व दुर्घटना दोनों पहलू पर जांच कर रही है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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पेरोल पर रिहा चल रहा था रिंकू
फरेंदा। केवटलिया निवासी रिंकू वन अधिनियम के तहत मार्च में जेल गया था। कोरोना काल के दौरान पेरोल पर रिहा किया गया था। परिजनों के मुताबिक कुछ दिन में फिर जेल जाने वाला था। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।