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जावेद पांच दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा गया
अमर उजाला ब्यूरो/महराजगंज
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:36 AM IST
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पाकिस्तानी नागरिक जावेद कमाल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बुधवार को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर दे दिया। इस दौरान उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न न हो इसके लिए अभियुक्त के अधिवक्ता को एक निश्चित दूरी तक रहने की अनुमति भी दी गई है।
सोनौली सीमा पर गत 23 अक्तूबर को एसएसबी ने पाकिस्तानी नागरिक जावेद कलाम को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा था।
उसे बिना वीजा भारत में प्रवेश करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। जावेद के संदिग्ध होने के कारण सोनौली थाना प्रभारी ने 24 अक्तूबर को दस दिन के रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
जिसकी सुनवाई सोमवार को हुई लेकिन रिमांड नहीं मिली। अगले दिन भी रिमांड पर लेने के लिए उसे कोर्ट में पेश किया गया लेकिन मजिस्ट्रेट के न होने की स्थिति में सुनवाई नहीं हो सकी।
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बुधवार को भारी सुरक्षा में फिर जावेद को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन अधिकारी नीलिमा मिश्र ने बहस करते हुए अभियुक्त को वाराणसी ले जाकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर से पहचान कराने के साथ ही थाई करंसी की बरामदगी की जांच के लिए पुलिस रिमांड की मांग की।
जिस पर जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त का अपराध मात्र बिना वीजा के भारत में प्रवेश करने का है। ऐसे में उसे नेपाल भेज दिया जाए।
सभी तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने पांच दिन का रिमांड दिया और विवेचक को आदेश दिया कि रिमांड के दौरान अभियुक्त का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न नहीं करेंगे। अभियुक्त के अधिवक्ता चाहे तो एक निश्चित दूरी बनाकर साथ रह सकते हैं।
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सोनौली सीमा पर गत 23 अक्तूबर को एसएसबी ने पाकिस्तानी नागरिक जावेद कलाम को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा था।
उसे बिना वीजा भारत में प्रवेश करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। जावेद के संदिग्ध होने के कारण सोनौली थाना प्रभारी ने 24 अक्तूबर को दस दिन के रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
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जिसकी सुनवाई सोमवार को हुई लेकिन रिमांड नहीं मिली। अगले दिन भी रिमांड पर लेने के लिए उसे कोर्ट में पेश किया गया लेकिन मजिस्ट्रेट के न होने की स्थिति में सुनवाई नहीं हो सकी।
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बुधवार को भारी सुरक्षा में फिर जावेद को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन अधिकारी नीलिमा मिश्र ने बहस करते हुए अभियुक्त को वाराणसी ले जाकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर से पहचान कराने के साथ ही थाई करंसी की बरामदगी की जांच के लिए पुलिस रिमांड की मांग की।
जिस पर जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त का अपराध मात्र बिना वीजा के भारत में प्रवेश करने का है। ऐसे में उसे नेपाल भेज दिया जाए।
सभी तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने पांच दिन का रिमांड दिया और विवेचक को आदेश दिया कि रिमांड के दौरान अभियुक्त का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न नहीं करेंगे। अभियुक्त के अधिवक्ता चाहे तो एक निश्चित दूरी बनाकर साथ रह सकते हैं।