फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   people became uncontrolled

नकदी संकट से लोग बेकाबू, बैंक पर पथराव, जाम

Thu, 15 Dec 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
अमर उजाला ब्यूराे Updated Thu, 15 Dec 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
people became uncontrolled
परसामिलक में पूर्वांचल ग्रामीण बैंक में कैश न होने पर ग्राहकों ने जाम लगाया। - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। नोट बंदी के 36वें दिन भी लोगों की समस्याओं में कोई कमी नहीं आई। अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए रकम की व्यवस्था करने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो हाहाकार की स्थिति है। बैंकों में पर्याप्त कैश न होने के कारण उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है।
विज्ञापन


बुधवार को भी ग्रामीण क्षेत्र के कई बैंकों में आलम यही रहा कि बैंक से कैश न मिलने पर उपभोक्ता परेशान होकर सड़कों को जाम कर दिया। एसबीआई मुड़िला बाजार में तो शाखा प्रबंधक के रवैए से नाराज लोगों ने पथराव शुरू दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उपभोक्ताओं को शांत कराकर सड़कों को खाली कराया। 
विज्ञापन


पुरैना प्रतिनिधि के अनुसार, घुघली क्षेत्र के बसंतपुर के पूर्वांचल ग्रामीण बैंक पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी थीं। लोग बैंक खुलने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन दस बजे के बाद भी बैंक नहीं खुला तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला इस कदर तूल पकड़ा कि लोगों ने बैंक कर्मचारियों खिलाफ नारे लगाते हुए सड़क जाम कर दी। पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और लोगों को किसी तरह समझा बुझा कर शांत कराया। बाद में जब साढ़े बारह बजे बैंक मैनेजर और कैशियर आए तो मामला और गंभीर होने लगा लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और शाखा प्रबंधक विवेक कुमार सिंह की समझदारी से स्थिति बिगड़ने नहीं पाई। शाखा प्रबंधक ने सबको दो हजार कैश देने का आश्वासन दिया। शाखा प्रबंधक ने बताया कि कैश के लिए वह मुख्य ब्रांच गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, पूर्वांचल बैंक परसा मलिक में कैश न मिलने से ग्राहकों ने आक्रोशित होकर नौतनवां-ठूठीबारी मार्ग जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटवाया। पूर्वांचल बैंक परसामलिक में चार  दिन से कैश न होने लोग परेशान हैं। महिला तथा पुरुष भोर में ही लाइन में खड़े थे। दोपहर में जैसे ही पता चला कि बैंक में कैश नहीं है तो वे आग बबूला हो गए और 12 बजे मार्ग जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे रोड जाम रहा।  मेघनाथ पासवान, अफजल मलिक, इंद्रभान, रामबचन, रामनाथ आदि ने बताया कि कई दिन से कैश के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन नहीं मिल पा रहा है। थानाध्यक्ष परसामलिक राजेश कुमार रुहेला मयफोर्स पहुंचे और समझा-बुझाकर जाम हटवाया।

खुटहा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, मुड़िला बाजार एसबीआई शाखा में कई दिनों से नकदी नहीं मिल रही थी। बुधवार को बड़ी उम्मीदों से रकम निकालने लोग कतार में खड़े हो गए थे। जैसे बैंक मैनेजर ने कहा कि कैश नहीं है। लोगों ने कहा कि कल जमा की गई रकम को ही बांट दिया जाए तो मैनेजर ने इन्कार कर दिया। इससे नाराज लोगों ने बैंक पर पथराव शुरू कर दिया। सूचना पर पनियरा पुलिस किसी तरह लोगों को शांत किया। नाराज लोग वहीं धरने पर बैठ गए। शाम को पहुंचे एसडीएम सदर और सीओ ने महिलाओं में रुपये वितरित कराया तब मामला शांत हुआ।   

ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे के एसबीआई, पूर्वांचल बैंक व नगर सहकारी बैंक में  लाइन में लगे लोगों को भाजयुमो जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गुप्त के नेतृत्व में चाय बांटी गई। इस दौरान  काशी निगम,  एकता युवा कल्ब अध्यक्ष राजकुमार चौधरी, प्रवीन मिश्रा, सूरज मद्धेशिया, आनंद मद्धेशिया, धनंजय रौनियार, शुभम कुमार, मुन्ना मद्धेशिया, पवन सहानी, बैद्यनाथ वासुकिनाथ आदि मौजूद रहे। पनियरा प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई से पैसा न मिलने से ॒गुस्साए लोगों ने पनियरा परतावल मार्ग को जाम कर दिया। पनियरा पुलिस ने समझा बुझाकर किसी तरह जाम हटवाया सुबह तो जैसे ही बैंक खुला तो बैंक कर्मी द्वारा यह कह दिया गया कि बैंक में पैसा नहीं आया है जिससे गुस्साए लोगं ने पनियरा खुटहां मार्ग को घंटों जाम किया।

साथ ही बताते चलें पनियरा में स्थित सभी बैंकों का हाल बुरा है एसबीआई में तो हाल यह है कि निकासी फार्म पर बैंक मैनेजर खुद रकम भरकर ग्राहकों को परेशान कर रहे हैं। आए दिन इस बैंक का सरवर डाउन रहता है। सुबह पांच बजे से रुपये निकालने के लिए लोग लाइन रोजाना लगाते हैं जब बैंक दस बजे खुलता है तो पता चलता है कि या तो बैंक में पैसा नहीं है या यह कह दिया जाता है कि बैंक का सरवर डाउन है। बेचारे सुबह से बिना खाए-पीये लोगों को खाली हाथ वापस जाना पड़ रहा है।


फरेंदाप्रतिनिधि के अनुसार, अधिकतर बैंको में कैंश व सर्वर फेल होने से दूर दराज से आए लोग वापस लौट गए।  कस्बे के एटीएम भी कैश के अभाव बंद पडे़ हैं। सभी एटीएम में ताले लगे हुए हैं। जिस एटीएम के खुलने की उम्मीद होती है, उनके सामने लंबी कतार लग जा रही है। जो रात के नौ बजे के बाद तक नही समाप्त हो रही है। जब पैसा समाप्त हो जा रहा है तब लोग निराश होकर घर चले जा रहे हैं। बैंक में नया नोट या पुराना नोट नहीं भेजने के कारण बैंक कर्मी भी समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को जवाब देते देते थक जा रहे हैं। पूर्वांचल ग्रामीण बैंक भैया फरेंदा सहित अनेक ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों के सामने सुबह छह बजे से ही कतार लग जा रही है। ठंड से लोग ठिठुर कर भी बैंक के सामने गरीब, महिला व वृद्ध आदमी कतार में रकम पाने की आस में खड़े नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed