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घटना में शामिल एक अभियुक्त गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:23 AM IST
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अभियुक्त गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के लिए धार्मिक स्थल बहरौली पर तीन युवकों ने प्रतिबंधित मांस फेंका था। घटना में शामिल एक अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है। पर्दाफाश करने वाली टीम को एसपी की ओर से दस हजार रुपये इनाम दिया गया है।
पुलिस लाइंस में पत्रकार वार्ता में एसपी भारत सिंह ने बताया कि 16 जून व सात जुलाई को निचलौल थाना क्षेत्र के धार्मिक स्थल बहरौली पर शरारती तत्वों ने प्रतिबंधित मांस फेंक दिया था। मामले में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश की जा रही थी। मामले में कार्रवाई न होने पर सीओ को हटा दिया गया था और इंस्पेक्टर, दरोगा समेत चार पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। घटना को गंभीरता से लेते हुए सीओ सदर त्रिलोकी पांडेय और सीओ नौतनवा गोपीनाथ सोनी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने सोमवार को अंगद निवासी कोहड़वल टोला सिसवाडीह को उसके घर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के पूछताछ में अंगद ने बताया कि गांव के जितेंद्र यादव के कहने पर नागेंद्र यादव के साथ मिलकर प्रतिबंधित मांस फेंका था। पुलिस के अनुसार जितेंद्र पर 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लाइन हाजिर हुए इंस्पेक्टर बीपी सिंह ने अपने कार्यकाल में इसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए। जितेंद्र उन पर दबाव बनाकर फाइनल रिपोर्ट लगवाना चाहता था। लेकिन प्रभारी निरीक्षक ने ऐसा न करके उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में भेज दिए थे। इससे वह उनसे नाराज चल रहा था। उनको हटाने के लिए उसने यह कृत्य किया। पहली बार मांस फेंकने पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दूसरी बार मांस फेकवाया और इंस्पेक्टर को हटाने की साजिश में कामयाब रहा। नागेंद्र यादव भी इंस्पेक्टर से क्षुब्ध था।
एसपी ने बताया कि घटना में शामिल मुख्य अभियुक्त जितेंद्र यादव और नागेंद्र यादव को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पर्दाफाश करने वाली टीम को उन्होंने दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
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पुलिस लाइंस में पत्रकार वार्ता में एसपी भारत सिंह ने बताया कि 16 जून व सात जुलाई को निचलौल थाना क्षेत्र के धार्मिक स्थल बहरौली पर शरारती तत्वों ने प्रतिबंधित मांस फेंक दिया था। मामले में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश की जा रही थी। मामले में कार्रवाई न होने पर सीओ को हटा दिया गया था और इंस्पेक्टर, दरोगा समेत चार पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। घटना को गंभीरता से लेते हुए सीओ सदर त्रिलोकी पांडेय और सीओ नौतनवा गोपीनाथ सोनी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने सोमवार को अंगद निवासी कोहड़वल टोला सिसवाडीह को उसके घर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के पूछताछ में अंगद ने बताया कि गांव के जितेंद्र यादव के कहने पर नागेंद्र यादव के साथ मिलकर प्रतिबंधित मांस फेंका था। पुलिस के अनुसार जितेंद्र पर 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लाइन हाजिर हुए इंस्पेक्टर बीपी सिंह ने अपने कार्यकाल में इसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए। जितेंद्र उन पर दबाव बनाकर फाइनल रिपोर्ट लगवाना चाहता था। लेकिन प्रभारी निरीक्षक ने ऐसा न करके उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में भेज दिए थे। इससे वह उनसे नाराज चल रहा था। उनको हटाने के लिए उसने यह कृत्य किया। पहली बार मांस फेंकने पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दूसरी बार मांस फेकवाया और इंस्पेक्टर को हटाने की साजिश में कामयाब रहा। नागेंद्र यादव भी इंस्पेक्टर से क्षुब्ध था।
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एसपी ने बताया कि घटना में शामिल मुख्य अभियुक्त जितेंद्र यादव और नागेंद्र यादव को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पर्दाफाश करने वाली टीम को उन्होंने दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
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