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Maharajganj News: भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकपा माले का धरना दूसरे दिन भी जारी
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प्रशासन पर लगाया ग्राम प्रधान को बचाने का आरोप
महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भाकपा माले के बैनर तले ग्रामीणों ने ग्राम विकास योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। जिलाध्यक्ष संजय निषाद के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में ग्राम सभा सोनबरसा के दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जांच में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद दोषी ग्राम प्रधान को बचाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 13 दिसंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर डीएम के पत्र संख्या 3591 के तहत की गई जांच में 16 जुलाई 2025 को भ्रष्टाचार सिद्ध हुआ। इसके बाद ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त कर लिए गए थे।
नियमों के अनुसार, ग्राम पंचायत के कार्यों का संचालन करने के लिए 20 जनवरी को तीन सदस्यीय समिति का गठन होना था लेकिन 17 जनवरी को शिकायतकर्ताओं को कोई सूचना दिए बिना जांच पूरी कर ली गई और समिति का गठन रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आगे कहा कि मामले में 10 जुलाई 2023 को सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी गई थी जो राज्य सूचना आयोग लखनऊ में पंजीकृत है।
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आयोग ने सूचना अधिकारी को निशुल्क जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई।
संजय निषाद, गौरव ओझा सहित अन्य शिकायतकर्ता 2023 से लगातार हर सप्ताह और महीने शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। धरने में सोनिया, हरीश, आशा, राधिका, सुमन समेत ग्रामीण मौजूद रहे।
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महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भाकपा माले के बैनर तले ग्रामीणों ने ग्राम विकास योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। जिलाध्यक्ष संजय निषाद के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में ग्राम सभा सोनबरसा के दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जांच में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद दोषी ग्राम प्रधान को बचाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 13 दिसंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर डीएम के पत्र संख्या 3591 के तहत की गई जांच में 16 जुलाई 2025 को भ्रष्टाचार सिद्ध हुआ। इसके बाद ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त कर लिए गए थे।
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नियमों के अनुसार, ग्राम पंचायत के कार्यों का संचालन करने के लिए 20 जनवरी को तीन सदस्यीय समिति का गठन होना था लेकिन 17 जनवरी को शिकायतकर्ताओं को कोई सूचना दिए बिना जांच पूरी कर ली गई और समिति का गठन रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आगे कहा कि मामले में 10 जुलाई 2023 को सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी गई थी जो राज्य सूचना आयोग लखनऊ में पंजीकृत है।
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आयोग ने सूचना अधिकारी को निशुल्क जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई।
संजय निषाद, गौरव ओझा सहित अन्य शिकायतकर्ता 2023 से लगातार हर सप्ताह और महीने शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। धरने में सोनिया, हरीश, आशा, राधिका, सुमन समेत ग्रामीण मौजूद रहे।